Katihar Flood News: बिहार के कटिहार जिले में नदियों का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। यहां गंगा, कोसी, बरंडी और कारी कोसी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते कई इलाकों में लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। करीब 8 लाख 80 हजार 140 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इस मुश्किल हालात में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित लोगों तक इलाज पहुंचाने के लिए ‘बोट एंबुलेंस’ शुरू की है। नाव पर डॉक्टर, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की टीम जरूरी दवाइयों और मेडिकल सामान के साथ प्रभावित लोगों के पास पहुंच रही है।
कटिहार में बाढ़ में शुरू हुई बोट एंबुलेंस
नाव से मरीजों के घर पहुंच रही मेडिकल टीम
कटिहार में नदियों के उफनते पानी और बाढ़ के कारण कई लोग अपने घरों में ही फंस गए हैं। ऐसे में तबीयत खराब होने पर लोग चाहकर भी अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में बोट एंबुलेंस सेवा लोगों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर सामने आई है।
कटिहार के बरारी प्रखंड में फिलहाल दो बोट एंबुलेंस चलाई जा रही हैं। मेडिकल टीम नाव के जरिए बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंचती है और घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है। मरीजों की परेशानी जानने के बाद उन्हें जरूरत के अनुसार दवाइयां दी जा रही हैं।
फंगल इंफेक्शन और बुखार के मरीज ज्यादा
स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंगल इंफेक्शन, बुखार और खांसी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत ज्यादा मिल रही है। ऐसे में टीम मौके पर ही मरीजों की जांच कर उन्हें जरूरी उपचार और दवाइयां उपलब्ध करा रही है। ANM कुसुम कुमारी ने बताया कि जो मरीज बाढ़ की वजह से अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके पास स्वास्थ्य विभाग की टीम खुद पहुंच रही है। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिल रहा है।
गर्भवती महिलाओं के लिए भी दवाइयों की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी दवाइयों की भी व्यवस्था की है। मेडिकल टीम नाव से ऐसे इलाकों में पहुंचकर जरूरतमंद महिलाओं और अन्य मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। बरारी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मो. मुशर्रत हुसैन ने बताया कि बाढ़ के कारण लोग घरों में कैद हैं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम बोट एंबुलेंस के जरिए सीधे उनके पास पहुंचकर इलाज और राहत पहुंचा रही है।
