Kashmiri Pandit Transit Flats: कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। आतंकी संगठनों द्वारा कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी मिलने के बाद पैदा हुई सुरक्षा की चिंताओं के बीच सरकार ने बड़ी राहत दी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को प्रधानमंत्री पैकेज के तहत घाटी में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए 1,416 नए ट्रांजिट फ्लैटों का उद्घाटन किया।
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिले फ्लैट (फोटो साभार- @manojsinha_)
कश्मीरी पंडितों को घाटी में मिले फ्लैट
ये फ्लैट श्रीनगर के जेवान, काकन मरान और कुलंगाम बाग में बनाए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह पहल कश्मीरी पंडित कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए है, ताकि वे घाटी में बिना डर के काम कर सकें और अपनी जड़ों से फिर जुड़ सकें। प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को सिर्फ आवास नहीं, बल्कि उम्मीद, गरिमा और बेहतर भविष्य का प्रतीक बताया है।
2019 के बाद 17 जगहों पर बनाए गए ट्रांजिट फ्लैट
बता दें कि 2019 के बाद से घाटी के 17 अलग-अलग स्थानों पर लगभग 6,000 ट्रांजिट फ्लैट बनाने का काम शुरू किया गया था। इसमें सबसे बड़ी कॉलोनी श्रीनगर के जेवान में बनी है, जो 93 कनाल जमीन पर फैली हुई है और इसमें अकेले 936 फ्लैट हैं। यह प्रधानमंत्री पैकेज कर्मचारियों के लिए सबसे प्रमुख आवासीय परिसर माना जा रहा है।
आतंकी धमकियों के बाद आवासीय परियोजना में आई तेजी
हाल के दिनों में आतंकी धमकियों के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने लंबित पड़ी आवासीय परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया था। उसी का नतीजा है कि अब एक साथ 1,416 फ्लैट कर्मचारियों को सौंपे जा रहे हैं। इन कॉलोनियों की सुरक्षा का भी खास ख्याल रखा गया है। सभी ट्रांजिट कॉलोनियों को गेटेड बनाया गया है। यहां 24 घंटे जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहते हैं। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है ताकि कर्मचारियों के परिवार सुरक्षित महसूस कर सकें।
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कश्मीरी पंडितों ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
फ्लैट मिलने के बाद कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे किराए के मकानों और असुरक्षित जगहों पर रहने को मजबूर थे। इन फ्लैटों के मिलने से अब वे अपने परिवार के साथ घाटी में ही सुरक्षित माहौल में रह पाएंगे और अपना काम जारी रख सकेंगे। सरकार का कहना है कि आने वाले दिनों में अन्य ट्रांजिट परियोजनाओं के पूरा होते ही बाकी पात्र पीएम पैकेज कर्मचारियों को भी फ्लैट आवंटित करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस कदम से कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की स्थायी वापसी की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हुई है।
