100 दिन बाद फिर गुलजार होंगे जंगल! बांदीपुर-नागरहोल में दोबारा शुरू होगी सफारी

कर्नाटक की इको-टूरिज्‍म क्षमता पर जोर देते हुए कहा गया कि राज्य ने लगातार एक सस्टेनेबल टूरिज्‍म मॉडल अपनाया है जो पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है, साथ ही स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।

बेंगलुरु : कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को वैज्ञानिक रूप से निर्धारित वहन क्षमता (कैरींग कैपेसिटी) के आधार पर बांदीपुर टाइगर रिजर्व और नागरहोल टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी (पार्क भ्रमण) संचालन को पूरी तरह से फिर से शुरू करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। यह निर्णय विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों की तकनीकी समिति द्वारा अनुशंसित वैज्ञानिक आकलन के आधार पर लिया गया है।

Bandipur Tiger Reserve Open

कर्नाटक में बांदीपुर और नागरहोल टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी फिर होगा शुरू

सरकार के मुताबिक, टेक्निकल कमेटी ने दोनों टाइगर रिजर्व की इकोलॉजिकल कैरिंग कैपेसिटी का मूल्यांकन किया और सफारी ऑपरेशन को रेगुलेट करने के बारे में अपनी सिफारिशें सौंपीं। राज्य सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है और वन विभाग को निर्देश दिया है कि वे सस्टेनेबल टूरिज्‍म (टिकाऊ पर्यटन) सुनिश्चित करने के लिए तय गाइडलाइंस के अनुसार जंगल सफारी ऑपरेशन फिर से शुरू करें।

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