Kanpur Scooter Blast: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक मस्जिद के पास भीड़भाड़ वाले मिश्री बाजार में दो स्कूटर में विस्फोट की खबर सामने आई थी। इस घटना में आठ लोगों के घायल हो गए। इसके साथ ब्लास्ट से आसपास की दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। फेस्टिव सीजन में सजी-धजी मार्केट में अचानक हुए विस्फोट से लोगों में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम के साथ आतंकवाद निरोधी दस्ते मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू की गई। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच में सामने आया है कि स्कूटर में विस्फोट पटाखों के कारण हुआ था। इस मामले में मूलगंज SHO सहीत 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट शाम करीब साढ़े सात बजे हुआ। मरकज मस्जिद के पास हुए इन विस्फोटों की आवाज घटनास्थल से 500 मीटर दूर तक सुनी गई। कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि मिश्री बाजार में खड़े दो स्कूटरों में हुए विस्फोटों में आठ लोग घायल हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनमें से दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई और चार अन्य, जो गंभीर रूप से झुलस गए थे को लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बाकी दो लोग कानपुर के अस्पताल में निगरानी में हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
आसपास के इलाकों में सुरक्षा हुई कड़ी
आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) सहित कई एजेंसियां घटना की हर संभव एंगल से जांच कर रही हैं। लाल ने कहा, "इस समय किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ और विशेष टीम विस्फोट के स्रोत और प्रकृति का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही हैं।" उन्होंने कहा, "चूंकि दिवाली नज़दीक आ रही है, हम पटाखों से जुड़े विस्फोट की संभावना की भी जांच कर रहे हैं।"
अधिकारी ने बताया कि आस-पास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। बम निरोधक दस्ता, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और विध्वंस-रोधी टीमें घटनास्थल की तलाशी लेने और नमूने एकत्र करने के लिए मौजूद हैं। पुलिस ने बताया कि खुफिया इकाइयों को आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने और संभावित संदिग्धों की पहचान करने का काम सौंपा गया है।
सीसीटीवी फुटेज में हुआ अहम खुलासा
कानपुर के संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार कहते हैं, "ऐसा संदेह था कि विस्फोट एक स्कूटी में रखे बम से हुआ था। हमने एजेंसियों और एटीएस को सूचित किया। वाहन के अगले हिस्से को हुए नुकसान को देखकर हमें संदेह हुआ कि उसमें बम लगा है। हालांकि, जब हमने फुटेज की जांच की और घटनास्थल पर मौजूद लोगों से बात की, तो हमें पता चला कि वहां एक अवैध पटाखा बाजार चल रहा था। हमारी स्थानीय पुलिस इकाई और फोरेंसिक टीम ने जांच की, और नतीजा यह निकला कि यह कम विस्फोटक वाला था, जो पटाखों में पाया जाने वाला एक सामान्य विस्फोटक है।"
पटाखों के कारण धमाका होने की पुष्टि
जेसीपी आशुतोष कुमार ने बताया घटना की जांच में पुष्टि हुई है कि धमाका जिस एक्सप्लोसिव के चलते हुआ है, वो पटाखों में इस्तेमाल होता है। किसी भी धमाके की इन्वेस्टिगेशन का जो प्रोटोकॉल होता है उस लिहाज से यूपी एटीएस की टीम पहुंची थी। हालांकि, अब ये साफ हो गया है कि घटना पटाखे के चलते हुई थी और अब किसी और एंगल पर जांच नहीं हो रही है मिश्री बाजार में अवैध रूप से पटाखा का कारोबार किया का रहा था। दुकानों में पटाखे बेचे जा रहे थे जिसके चलते चिंगारी से हादसा हुआ। सीसीटीवी फुटेज में भी चिंगारी निकलते देखा जा सकता है। जिस स्कूटी में पटाखे रखे थे और धमाका हुआ उस स्कूटी के संबंध में जानकारी मिली है कि यह चोरी की थी, जिसका इस्तेमाल पटाखों को गोदाम से दुकानों तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।
अधिकारी ने बताया कि सर्च ऑपरेशन चलाकर अवैध रूप से पटाखे रखने वाली दुकानों को सील कर 2 टन पटाखे बरामद किए गए है। इस घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है । अभी 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही बाजार में अवैध रूप से पटाखा का कारोबार चलने के संबंध में स्थानीय पुलिस चौकी इंचार्ज और पुलिस कर्मियों की भी जांच की जा रही है।
