कानपुर : दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित 18वें 'भारत आम महोत्सव 2025 ने कानपुर के मान बढ़ाया। यह केवल एक कृषि प्रदर्शनी नहीं था, बल्लि स्वाद और किसानों के सम्मान का उत्सव बन गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए कानपुर से सांसद रमेश अवस्थी को पत्र लिखकर बधाई दी और कहा कि यह पहल कृषि विविधता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। इस महोत्सव की राष्ट्रीय पहचान को और सुदृढ़ बनाते हुए, इसमें 18 केंद्रीय मंत्री और सभी राजनीतिक दलों के 200 से अधिक सांसदों ने भाग लेकर यह साबित कर दिया कि भारत आम महोत्सव अब केवल एक फल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और कृषि नवाचार का एक साझा राष्ट्रीय मंच बन चुका है।
सीएम योगी के साथ सांसद रमेश अवस्थी
सीएम योगी ने क्या लिखा
भारत आम महोत्सव न केवल आम की किस्मों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है, बल्कि यह किसानों की मेहनत और नवाचार को सम्मान देकर उन्हें प्रेरणा भी देता है। सांसद रमेश अवस्थी जी का यह प्रयास उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश के किसानों के लिए गौरव का विषय है।”
कानपुर से दिल्ली तक एक किसान केंद्रित यात्रा
गौरतलब है कि कानपुर से सांसद रमेश अवस्थी ने इस महोत्सव की शुरुआत 18 वर्ष पहले की थी, जब उन्होंने महसूस किया कि आम उत्पादक किसानों को पहचान, बाजार और मंच की सख्त जरूरत है। आज यह आयोजन न केवल दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर पहुंचा है, बल्कि देशभर के किसानों को ग्लोबल एग्री-स्पेस में खड़ा कर रहा है।
आम की विविधता किसानों की मेहनत
महोत्सव में 350 से अधिक आमों की किस्में प्रदर्शित की गईं, जिसमें दशहरी, चौसा, बंगनपल्ली, अल्फांसो, फजली, नीलम, मल्लिका जैसी पारंपरिक किस्मों के साथ-साथ ‘मोदी आम’ ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। सीएम योगी ने अपने पत्र में ‘मोदी आम’ के ज़रिए आम उत्पादकों की रचनात्मकता और भारतीय फलों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा की प्रशंसा भी की।
किसान सम्मान और सांस्कृतिक संगम
रमेश अवस्थी ने इस दौरान कहा कि महोत्सव का विशेष आकर्षण किसान सम्मान समारोह रहा, जहां देशभर से आए मेहनतकश किसानों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। सीएम योगी की सराहना हमारे लिए ऊर्जा का काम करती है। हम उत्तर प्रदेश के किसानों को न केवल तकनीकी दृष्टि से सक्षम देखना चाहते हैं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी सशक्त बनाना हमारा उद्देश्य है। साथ ही मिलेट्स डिनर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस आयोजन को पूर्ण रूप से अनुभवात्मक बना दिया।
किन मत्रियों ने लिया भाग
कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, एलजी विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गजेन्द्र सिंह शेखावत, अनुराग ठाकुर, बीएल वर्मा, एसपी सिंह बघेल, सहित 18 केंद्रीय मंत्री और 200 से अधिक सांसदों की उपस्थिति ने इस महोत्सव को राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बना दिया। साहित्यकार कुमार विश्वास, अभिनेता अरबाज़ खान, गायक अंकित तिवारी, कवियित्री कविता तिवारी, और सुप्रीम कोर्ट के न्यायविदों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी व्यापक आयाम दिया।
