उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। प्रदेश पुलिस ने "ऑपरेशन लंगड़ा" नामक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत प्रतिदिन चार से पांच एनकाउंटर रोज हो रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य अपराधियों के मन में भय उत्पन्न कर कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना है। इस अभियान के तहत पुलिस अपराधियों की सक्रियता को दबाने और समाज में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। योगी सरकार के निर्देशानुसार, पुलिस अब बिना किसी डर के अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है ताकि अपराध पर काबू पाया जा सके।
शाहिद पिच्चा गिरफ्तार
कानपुर में शाहिद पिच्चा की गिरफ्तारी
हाल ही में कानपुर जिले की चमनगंज पुलिस और केंद्रीय सर्विलांस टीम ने एक बड़ा सफलता हासिल की है। पुलिस ने बहुचर्चित अपराधी शाहिद पिच्चा को एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार किया। शाहिद के खिलाफ अब तक 44 आपराधिक मामले दर्ज हैं। शाहिद पिच्चा का आपराधिक इतिहास 2006 से शुरू होता है, जब उसने एक गैस विक्रेता की हत्या की। इसके बाद उसने शातिर बखुर्दार की हत्या समेत कई अन्य संगीन अपराधों में भी संलिप्तता दिखाई। जेल में रहने के दौरान भी उसने अपने अपराध नेटवर्क को मजबूत किया और बिल्डरों से प्रोटेक्शन मनी वसूलने लगा।
पुलिस ने निकाला जुलूस
हाल ही में, चमनगंज पुलिस पार्टी पर गोली चलाने के मामले में एक और एफआईआर उसके खिलाफ दर्ज की गई है। शाहिद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी कड़ी पूछताछ की और उसे उसके क्षेत्र में पैदल चलाकर जुलूस भी निकाला, जिससे यह संदेश गया कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी सूरत में अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। "ऑपरेशन लंगड़ा" का मकसद न केवल वर्तमान अपराधियों को दबाना है बल्कि आने वाले समय में संभावित अपराधियों के लिए भी एक चेतावनी देना है।
