Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ वर्ष पहले ज्योति हत्याकांड में पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़कर साक्ष्य एकत्रित किए और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इन्हीं पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर आरोपित पति और उसकी प्रेमिका को सलाखों के पीछे पहुंचाया था। ज्योति के पिता ने रोते हुए कहा कि- "इंसाफ की लड़ाई लंबी चली, लेकिन आज संतोष है। वो ज्योति को तलाक दे सकता था, मारने की क्या जरूरत थी।"
ज्योति हत्याकांड में 6 लोग दोषी करार (Representative Image)
दरअसल, कानपुर में आठ वर्ष पहले एक कारोबारी के बेटे ने पत्नी ज्योति की हत्या कर दी थी। गुरुवार को मामले में ज्योति के पति और उसकी प्रेमिका सहित 6 लोगों को कोर्ट ने दोषी करार दिया। इसके बाद आरोपी पति की प्रेमिका रोते हुए कोर्ट से बाहर आई। कोर्ट ने शुक्रवार को हत्याकांड के आरोपियों को सजा सुनाई जिसमें सभी आरोपियों पर आजीवन कारावास एवं 5000 से लेकर 20,000 तक का अर्थदंड लगाया गया। ज्योति के पिता ने कोर्ट से बाहर निकल कर कहा कि, आज मेरी बेटी को न्याय मिल गया।
ड्राइवर अवधेश को दी गई थी सुपारी
अधिवक्ता दामोदर दास मिश्रा ने कहा कि, ज्योति की हत्या को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। आरोपी पति की प्रेमिका के ड्राइवर अवधेश कुमार को ही उसकी हत्या की सुपारी दी गई थी। एडीजीसी क्रिमिनल कानपुर धर्मेंद्र पाल सिंह ने कहा कि, इस केस में सबूतों के साक्ष्यों को कड़ी दर कड़ी जोड़ा गया। आरोपी पति हत्याकांड को लेकर पहले झूठ बोलता गया। लेकिन पुलिस की कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी पति पूरी तरह टूट गया। उसकी कराई एफआईआर भी फर्जी साबित हुई। उन्होंने आगे कहा है कि, आरोपी की मां और दोनों भाइयों को बरी किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चैलेंज करेंगे। केस में आरोपी के पिता को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन कोर्ट का फैसला आने से कुछ वर्ष पहले ही उनकी मृत्यु हो गई थी। वहीं कोर्ट ने हत्याकांड में तीनों की किसी भी प्रकार की भूमिका नहीं पाई।
ऐसे हुई थी ज्योति की हत्या
पांडुनगर के रहने वाले बिस्कुट व्यापारी की बहू ज्योति श्यामदासानी की 27 जुलाई 2014 को संदिग्ध स्थिति में हत्या हो गई थी। वहीं ज्योति के पति पीयूष ने स्वरूप नगर थाने में जा कर ज्योति के अपहरण की कहानी सुनाई थी। लगभग 2 घंटे के बाद कानपुर पनकी में ज्योति का खून से लथपथ शव मिला था। पुलिस को पहले पति पीयूष ने ज्योति के अपहरण और लूट के लिए हत्या की बात बताई थी। लेकिन पुलिस ने जब जांच शुरू की तो मामला पलट गया था। पुलिस ने जब पति पीयूष को गिरफ्तार किया तो हाई प्रोफाइल केस का खुलासा हो गया। पुलिस की पूछताछ में पति ने स्वीकार किया कि, ज्योति की हत्या के लिए चार लोगों को सुपारी दी थी। उसने बताया कि, उसने कहा हुआ था कि, तब तक चाकू मारते रहना जब तक सांस चलना बंद न हो जाए। वहीं ज्योति की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर 17 बार चाकू से घाव की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट में दर्ज था कि, 4 पेट में, 4 गर्दन पर, 2 सिर के पिछले हिस्से, 4 पैर और 2 पीछे हिप में चाकू के घाव के मिले थे।
क्या हुआ था ज्योति के साथ
घटना की रात 27 जुलाई 2014 की रात लगभग 10 बजे पत्नी को लेकर पीयूष शहर के वरांडा रेस्टोरेंट डिनर कराने के लिए लेकर जाता है। वहां से लगभग 11:30 बजे दोनों कार से घर के लिए निकलते है। उसी वक्त रास्ते में चार बदमाशों ने उनकी कार रोक कर पीयूष को बाहर निकाल कर ज्योति को साथ ले गए। लगभग एक घंटे बीत जाने के बाद लगभग 1 बजे पीयूष ने स्वरूप नगर थाने में जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराई। रात के लगभग 2 बजे पुलिस को शहर के पनकी क्षेत्र में कार में एक युवती की डेड बॉडी पाए जाने की सूचना मिली। जिसकी शिनाख्त ज्योति श्यामदासानी के रूप में हुई थी। ज्योति के गहने और कार में महंगा मोबाइल पड़ा मिलने से पुलिस को शक हुआ। इसके बाद ज्योति के घरवालों ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया। साथ ही पीयूष के किसी दूसरी महिला के साथ संबंध होने का भी आरोप लगाया। जिसके बाद पीयूष पुलिस की रडार में आ गया।
दूसरी लड़की से अफेयर के चलते हुई ज्योति की हत्या
जांच में हत्या के पीछे प्रेमप्रंसग की बात सच निकली। पुलिस ने उस समय बताया था- पीयूष का ऑफिस में काम करने वाली एक महिला से प्रेमप्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी पीयूष के मोबाइल की कॉल डिटेल से मिली थी। पीयूष ने एक नंबर पर वारदात के दिन छह घंटे में 150 SMS किए थे। पुलिस की पूछताछ में पीयूष ने कबूला था कि- "मैंने हत्या का प्लान किया था, क्योंकि मेरे प्रेमप्रसंग में वो रोड़ा बन गई थी। इसमें मैंने 4 लोगों की मदद ली और उनसे ज्योति की हत्या करवा दी।"
