Kanpur Aerocity: उत्तर भारत का मैनचेस्टर कानपुर भी एयरोसिटी से लैस होगा। दिल्ली हवाई अड्डे (Delhi Aiprport) के पास स्थित एयरोसिटी की तर्ज पर कानपुर एयरपोर्ट (Kanpur Airport) के पास भी एय नई एयरोसिटी डेवलप करने की दिशा में काम चल रहा है। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने इस योजना की घोषणा की है। हालांकि, इसके लिए जमीन को लेकर नगर निगम और केडीए के बीच सहमति नहीं बन रही थी और विवाद जैसी स्थिति है। क्योंकि, नगर निगम ने इस भूमि पर सोलर प्लांट लगाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन, केडीए ने इसे अपने एयरोसिटी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण बताया है। एयरोसिटी में लग्जरी अनुभव मिलेगा। रात्रि के वक्त न्यूयार्क, लंदन जैसी फीलिंग आएगी। खासकर, नौजवानों के लिए कानपुर एयरोसिटी बेहद रोमांटिक प्लेस साबित होगी। जहां एक से एक बेहतरीन कैफे बार इत्यादि हो सकते हैं, जहां पार्टी इंजॉय कर सकते हैं।
कानपुर एयरोसिटी (सांकेतिक फोटो)
चकेरी हवाई अड्डे (Chakeri Airport) के पास बनेगी एयरोसिटी
एयरोसिटी कानपुर के लिहाज से बड़ा कदम है। चकेरी हवाई अड्डे के पास एयरोसिटी बनाने से न केवल यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि रोजगार और स्थानीय व्यवस्थाएं भी मजबूत होंगी। कानपुर एयरोसिटी में होटल, मॉल, पार्क, रेस्टोरेंट के साथ अन्य हाईटेक सुविधाएं विकसित करने का प्लान है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली एयरोसिटी पर मिलने वाली सुविधाएं हाईटेक और बेहद सुविधाजनक हैं। केडीए भी ऐसी ही व्यवस्थाएं उपलब्ध कराएगा।
केडीए-नगर निगम के बीच विवाद
कानपुर विकास प्राधिकरण और कानपुर नगर निगम (Kanpur Nagar Nigam) के बीच जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद बढ़ गया है। नगर निगम की प्रस्तावित योजनाओं में एक सोलर प्लांट (Soler Plant) लगाने का इरादा था, जो अब केडीए की ओर से एयरोसिटी के लिए चिन्हित की गई जमीन पर था। लिहाजा, कानपुर नगर निगम ने केडीए से आपत्ति जताई थी। केडीए ने बताया कि यह भूमि एयरोसिटी के लिए उपयुक्त है। खासकर, इसलिए कि यह भूमि एयरोसिटी के पास स्थित है। इसके अलावा, केडीए ने बताया कि यह एयरोसिटी दिल्ली के एयरपोर्ट के पास स्थित एयरोसिटी की तरह होगी।
ऐसे स्थिति में केडीए ने नगर निगम को अपनी योजनाओं में हस्तक्षेप नहीं करने का अनुरोध किया। कहा कि यदि नगर निगम को अपनी योजनाओं के लिए जमीन चाहिए तो वह 50 से 100 एकड़ तक जमीन उपलब्ध करा सकता है। केडीए के सूत्रों के मुताबिक, केडीए को अन्य आवासीय योजनाओं के लिए जमीन की आवश्यकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस विवाद के कारण नगर निगम को जमीन आवंटित की जाती है तो केडीए की बड़ी योजनाएं रुक सकती हैं। लिहाजा, इस विवाद को निपटाने के लिए शासन स्तर पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। ताकि, जल्द ही इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एयरोस्पेस होगा विकसित
उधर, बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024 को अनुमोदित कर दिया गया। राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, यह नीति उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2018 (यथासंशोधित) के स्थान पर अगली नीति लागू होने तक प्रभावी रहेगी। नीति का उद्देश्य नवाचार, सहयोग एवं उत्कृष्टता के माध्यम से उत्तर प्रदेश के एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाना है। नीति का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और एयरोस्पेस एण्ड डिफेंस (ए एण्ड डी) क्षेत्र में रोजगार के एक लाख अवसर सृजित करने का है।
