कानपुर : कानपुर के पूर्व डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला पर 100 करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि एसओजी में रहते हुए शुक्ला ने 200-300 करोड़ की संपत्ति ठेकेदारी और जमीन कब्जाने से बनाई थी। हांलाकि, एसआईटी जांच में जो खुलासा हुआ है कि उसके मुताबिक, दरोगा के पद पर रहते हुए अवैध रूप से यह अकूत संपत्ति कमाई, जिसमें नोएडा, चंडीगढ़ में बेनामी संपत्ति और कानपुर के आर्यनगर में 11 दुकानें शामिल हैं। इतना ही इसके अलावा उनके बेटे पर 33 कंपनियां बनाकर काला धन सफेद करने का भी आरोप लगा है। फिलहाल, तमाम आरोपों की जांच के बाद डीएसपी को निलंबित कर विजिलेंस जांच के सख्त आदेश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने उन्हें बर्खास्त करने की कड़ी से कड़ी मांग की है।
कानपुर का पूर्व डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला सस्पेंड
कानपुर, लखनऊ समेत इन शहरों में बेनामी संपत्ति
कानपुर में जो भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा था, उसमें यूपी पुलिस के अफसर भी होशियारी से शामिल थे। निगहबानी तगड़ी होने के चलते पुलिस अधिकारी ऋषिकांत शुक्ला लपेटे में आ गए। Sit जांच रिपोर्ट जब आई तो अफसर भी हैरान रह गए कि दारोगा से डीएसपी बने शुक्ला ने आखिर 100 करोड़ की संपत्ति कैसे बना ली? सूत्रों की मानें तो संपत्तियों का मकड़जाल बहुत बड़ा है। कानपुर जहां से भ्रष्टाचार के खेल की शुरुआत हुई, वहां कई दुकानें शुक्ला ने खरीदी और जालौन, मैनपुरी और उन्नाव में भी जमीनों के कारोबार में इन्वेस्ट किया। उधर, राजधानी लखनऊ में भी रियल स्टेट के कारोबारियों के साथ मिलकर जमीनें खरीदी। कानपुर रोड पर खरीदी गई इन जमीनों की जानकारी अब विजिलेंस की टीम जुटा रही है। लखनऊ से सटे नवाबगंज इलाके में कुछ जमीनें डीएसपी ने अपने करीबियों के नाम खरीदी है, अब जांच उनकी भी होगी। जो 100 करोड़ का आंकड़ा सामने आया है ये और बड़ा हो सकता है। इसके अलावा कुछ रियल स्टेट कंपनीज की जांच जारी है, जिनमें अखिलेश दुबे के जरिए अफसरों का रुपया खपाया गया है ।
करीबियों के नाम की करोड़ों की संपत्तियां
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से जांच में यह सामने आया कि ऋषिकांत शुक्ला ने 1998 से 2009 के बीच खासकर कानपुर में दरोगा (उपनिरीक्षक) पद पर तैनाती के दौरान, अपनी घोषित आय से कहीं ज्यादा लगभग 100 करोड़ की संपत्ति अपने परिवार के अलावा साझेदारों और करीबियों के नाम पर खड़ी करके रखी हुई है, जिसका पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा और कौन-कौन अफसर इस खेल में शामिल हैं, उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता सौरभ भदौरिया ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डीएसपी शुक्ला ने एसओजी में रहते हुए ठेकेदारी और जमीन कब्जाने के माध्यम से 200 से 300 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई थी। वहीं, कानपुर पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट के मुताबिक एसआईटी (विशेष जांच दल) की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जांच में यह पाया गया कि उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में गंभीर लापरवाही बरती और अपने आचरण से पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाया। गृह विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।
