Bikru Murder Case: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कानपुर के बिकरू हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास दूबे के साथी बबलू उर्फ बल्लू मुसलमान उर्फ इस्लाम बेग की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी है।दो जुलाई, 2020 की रात घटी इस नृशंस घटना में विकास दूबे द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में देवेंद्र मिश्रा नाम के एक पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई थी। यह घटना तब घटी थी जब पुलिस टीम ने विकास दूबे को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पर दबिश दी थी।
प्रतीकात्क फोटो (istock)
बबलू की जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा, 'मैंने याचिकाकर्ता के वकील की दलील सुनी और चूंकि निचली अदालत में मुकदमा चल रहा है और आरोपों को संज्ञान में लेते हुए कारावास की अवधि को बहुत लंबा नही माना जा सकता। इसलिए जमानत की याचिका खारिज की जाती है।'
'याचिकाकर्ता करीब पांच साल से जेल में बंद है'
हालांकि, अदालत ने 29 जुलाई के अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि यदि निचली अदालत में सुनवाई में एक वर्ष के भीतर उल्लेखनीय प्रगति नहीं होती है तो याचिकाकर्ता इस अदालत का रुख करने को स्वतंत्र है।सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता करीब पांच साल से जेल में बंद है और आज की तिथि तक सुनवाई पूरी नहीं हुई है।
' यह पुलिसकर्मियों के लिए खुली चुनौती थी कि...'
उन्होंने आगे कहा कि याचिकाकर्ता दूर दूर तक मुख्य आरोपी से नहीं जुड़ा था। इसके अलावा, अन्य आरोपियों को इस अदालत द्वारा पहले ही जमानत दी जा चुकी है। वहीं, सरकारी वकील ने आरोपों की प्रकृति और घटना के ढंग का हवाला देते हुए जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि यह पुलिसकर्मियों के लिए खुली चुनौती थी कि कैसे मुख्य आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार करने की उनकी हिम्मत हुई।
