Constable Suicide Note: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही ने सोमवार को व्हाट्सएप स्टेटस पर सुसाइड नोट लगा दिया, जिससे सनसनी फैल गई। स्टेटस वायरल होते ही चार थानों की पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए उसे ट्रेस किया। सिपाही पोस्टमार्टम हाउस के सामने अपनी कार में बैठा पाया गया। इसके बाद अफसरों ने उसकी काउंसिलिंग कराई। फिर हैलट के न्यू विभाग में भर्ती करा दिया। वह मानसिक रूप से बीमार बताया गया है। सिपाही की पहचान जयवीर सिंह के रूप में हुई है। मूलरूप से इटावा के बकेवर का रहने वाले है। सिपाही जयवीर सिंह की साढ़ थाने में तैनाती के दौरान करीब एक माह पहले साथी पुलिसकर्मियों से मारपीट हो गई थी, इसके बाद उसे एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने लाइन हाजिर कर दिया था। तब से वह कई बार ऐसे विवादित व्हाट्सएप स्टेटस लगा चुका है।
पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड
आपको बता दें कि रविवार रात में वह दरोगा अनूप सिंह को देखने सर्वोदयनगर स्थित निजी अस्पताल आया था। यहां देर रात दरोगा अनूप की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सिपाही लगातार दरोगा के परिजनों के साथ रहा। सोमवार सुबह को वह मोर्चरी भी पहुंचा था। यहीं उसने व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट का स्टेटस लगा दिया।
स्टेटस वायरल होते ही सक्रिय हुई पुलिस
सुसाइड नोट में उसने पुलिस अफसर, इंस्पेक्टरों, महिला सिपाही और मीडियाकर्मियों के नाम लिखा था। नोट में लिखा था कि वह डाई पीकर जान दे रहा है। मेरी मौत के जिम्मेदार ये सभी हैं। हालांकि जैसे ही यह स्टेटस वायरल हुआ, पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और कुछ ही मिनट बाद उसे खोज लिया। हैलट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। सिपाही के भाई ने बताया कि मारपीट के मामले में जयवीर पर कार्रवाई हुई है। उसे प्रताड़ित किया गया, लेकिन अन्य किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिपाही जयवीर से एसीपी स्वरूपनगर ने काफी देर तक बात की। इस दौरान सिपाही बहकी-बहकी बातें करता रहा।सुसाइड नोट में अधिकारियों का नाम लिखापूछताछ में उसने कहा कि, उसका मोबाइल चकेरी इलाके से गायब हो गया। इस कारण उसने चकेरी इंस्पेक्टर का नाम नोट में लिखा है। अफसर द्वारा लाइन हाजिर करने पर एसपी का नाम नोट में लिखा। इसके अलावा अन्य पुलिसवालों पर जातीय भेदभाव का आरोप जड़े। साथ ही उसने बताया कि मीडियाकर्मियों ने मारपीट और लाइन हाजिर की खबर लिखी थी, इसलिए उनके नाम सुसाइड नोट में शामिल किए।
इसलिए मैं स्वेच्छा से जान दे रहा हूं
सिपाही ने सुसाइड नोट में लिखा, श्रीमान जी! अब बर्दाश्त की सीमा समाप्त हो गई है। दवाई से भी नींद नहीं आ रही है। मैं अब क्या करूं, किसी को अगर मार डाला तो मेरे घर वालों की जिंदगी बर्बाद होगी। इसलिए मैं स्वेच्छा से मर रहा हूं। इसके जिम्मेदार कानपुर आउटर के कुछ अधिकारी और कर्मचारी हैं, कमिश्नरी के कुछ लोग भी इसमें शामिल हैं। धन्यवाद...। उसने आगे लिखा कि हो सके तो यह दुनिया मुझे माफ कर दे। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने कहा कि कांस्टेबल को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी हालत में सुधार होने पर पूछताछ की जाएगी। जो भी तथ्य निकलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई होगी।
पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने कहा कि कांस्टेबल को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी हालत में सुधार होने पर पूछताछ की जाएगी। जो भी तथ्य निकलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई होगी।
