कल का मौसम 20 अक्टूबर 2025: उत्तर से दक्षिण तक बदलते मौसम का दौर; पूर्व-मध्य क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तूफानी बारिश के आसार, दिल्ली में प्रदूषण से हाल बेहाल

Kal Ka Mausam, 20 अक्टूबर 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: पूरा देश कल दिवाली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाएगा, लेकिन मौसम का मिजाज कई क्षेत्रों में अलग-अलग रहेगा। दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं की संभावना है। वहीं, उत्तर भारत में दिल्ली, यूपी और बिहार में मौसम साफ और सुहावना रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की ठंड महसूस हो सकती है। पूर्व और मध्य भारत में भी 20 से 25 अक्टूबर तक अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): कल पूरा देश दिवाली का पर्व मनाएगा। ऐसे हर तरफ जहां खुशी और उमंग के रंग दिखेंगे तो वहीं मौसम का मिजाज भी रोज बदलता नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम के हाल की बात करें तो, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के विभिन्न इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, जिसमें वर्षा की मात्रा 7 से 20 मिमी के बीच रही। इसी दौरान, रायलसीमा और लक्षद्वीप के अलग-अलग हिस्सों में भी भारी वर्षा हुई, जहां वर्षा का स्तर 7 से 11 मिमी तक दर्ज किया गया। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और केरल-कर्नाटक तटों से दूर लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर एक स्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र सक्रिय है, जो पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की दिशा में बढ़ते हुए अगले 24 घंटों के दौरान अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके अलावा, 21 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी एक नया निम्न दाब क्षेत्र बनने का अनुमान है, जो पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग और इसके सटे पश्चिम-मध्य हिस्सों में अवदाब में परिवर्तित हो सकता है।

Kal Ka Mausam 20 October 2025

कल का मौसम 20 अक्टूबर 2025

अगले सात दिनों के दौरान केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश तथा तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में विभिन्न स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। दक्षिण-पूर्व अरब सागर और केरल-कर्नाटक तटों से दूर लक्षद्वीप क्षेत्र में 19 अक्टूबर, 2025 को सुबह 08:30 बजे IST तक एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। अगले 24 घंटों के दौरान यह क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की दिशा में बढ़ते हुए और अवदाब में तेज होने की संभावना है। निचले स्तर पर, दक्षिण-पूर्व अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिसके प्रभाव से 21 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। अगले 48 घंटों के दौरान यह क्षेत्र भी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग और उससे सटे पश्चिम-मध्य हिस्सों में अवदाब में और तीव्र होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और केरल-कर्नाटक तटों से दूर लक्षद्वीप क्षेत्र में बने इस निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के कारण निचले स्तर पर एक द्रोणिका रेखा दक्षिण-पूर्व से पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक फैल रही है। 21 अक्टूबर, 2025 से एक कमजोर पश्चिमी वायु प्रणाली के प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।

End of Feed