Kal Ka Mausam: कमजोर हुआ 'दितवाह', दक्षिण राज्यों में अब भी मेघों का कहर, उत्तर भारत में लुढ़केगा तापमान

Kal Ka Mausam, 2 दिसंबर 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: देशभर में इन दिनों कड़ाके की ठंड अपना असर दिखा रही है, जिससे कई राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में ठंड ने लोगों को ठिठुरन में डाल दिया है, जबकि तमिलनाडु और पुडुचेरी तटों पर चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ के चलते लगातार बारिश हुई। हालांकि, दितवाह अब कमजोर होकर गहरे दबाव में बदल गया है और अगले 24 घंटों तक स्थिर रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर और सर्द हवाओं का असर जारी रहेगा।

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): इन दिनों देशभर में कड़ाके की ठंड अपना असर दिखा रही है। पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान 6°C से नीचे दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर तापमान 6° से 10°C के बीच रहा। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों तथा महाराष्ट्र के अलग-अलग स्थानों पर भी इसी श्रेणी का तापमान रिकॉर्ड किया गया। मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम तापमान 3.5°C हरियाणा के हिसार में दर्ज हुआ। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली के अधिकांश क्षेत्रों, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण-गोवा के कई स्थानों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहा, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, तेलंगाना और विदर्भ के कई स्थानों पर भी तापमान औसत से कम पाया गया। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी तमिलनाडु–पुदुचेरी तटों के पास बना चक्रवात ‘दितवाह’ कमजोर होकर गहरे अवदाब में बदल गया है। यह सिस्टम 30 नवंबर 2025 को शाम 5:30 बजे IST पर इसी क्षेत्र में केंद्रित था।

Kal Ka Mausam 2 December 2025

कल का मौसम 2 दिसंबर 2025

पिछले छह घंटों में यह गहरा अवदाब लगभग 5 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धीरे-धीरे उत्तर दिशा में खिसका और 1 दिसंबर 2025 की सुबह 8:30 बजे IST पर यह दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के हिस्सों में, साथ ही उत्तर तमिलनाडु–पुदुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास सक्रिय रहा। इसका केंद्र अक्षांश 12.8°N और देशांतर 80.6°E पर दर्ज किया गया, जो चेन्नई से करीब 50 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, पुदुचेरी से 130 किमी उत्तर-पूर्व, कुड्डालोर से 150 किमी उत्तर-पूर्व और नेल्लोर से लगभग 200 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व स्थित था। तट से इसकी न्यूनतम दूरी करीब 40 किमी रही। आशंका है कि अगले 12 घंटों में यह प्रणाली उत्तर तमिलनाडु–पुदुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश तटों के समानांतर उत्तर की ओर बढ़ते हुए और अधिक कमजोर होकर साधारण अवदाब में परिवर्तित हो जाएगी। आज दोपहर तक इसके चेन्नई तट से लगभग 30 किमी दूर रहने की संभावना है। वहीं, एक पश्चिमी विक्षोभ फिलहाल उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है, जिसके साथ मध्य क्षोभमंडल में एक द्रोणिका भी बनी हुई है, जिसकी धुरी लगभग 68° पूर्व देशांतर पर 25° उत्तर अक्षांश के उत्तर में फैली है। इसके प्रभाव से उत्तरी हरियाणा में निचले स्तर पर प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसी तरह उत्तर-पूर्व असम और आसपास के क्षेत्रों में भी एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। 5 दिसंबर 2025 से एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते 2 दिसंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 3 दिसंबर को केरल और माहे में भी जोरदार वर्षा के आसार बने हुए हैं। वहीं, 2 से 4 दिसंबर के बीच तमिलनाडु, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है।

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