कल का मौसम 14 अक्टूबर 2025: मानसून की रफ्तार थमते ही सर्द हवाओं ने बदला मौसम का ढंग; पश्चिम से लेकर पूर्व और मध्य क्षेत्रों में बारिश के आसार

Kal Ka Mausam, 14 अक्टूबर 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: देशभर में मौसम ने हाल ही में बदलाव लिया है। मानसून की गति धीमी होने के साथ-साथ ठंडी हवाओं और गिरते तापमान ने सर्दी की दस्तक दे दी है। कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा और तूफानी हवाओं का असर देखा जा रहा है, जबकि अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क और साफ बना हुआ है। अगले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और तूफानी गतिविधियों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): देशभर में मौसम ने इन दिनों करवट बदल दी है। जहां पहले बारिश और धूप का ताल-मेल राहतों के साथ कभी-कभी लोगों को परेशान कर रहा था, वहीं मानसून की रफ्तार थमने से हल्की ठंडी हवाओं और गिरते तापमान ने सर्दी की दस्तक दे दी है। पिछले 24 घंटों के मौसम का हाल कुछ ऐसा रहा जहां, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा (7-20 सेमी) दर्ज की गई। इसके अलावा, असम, ओडिशा, तमिलनाडु और मणिपुर के अलग-अलग स्थानों पर भी भारी वर्षा (7-11 सेमी) हुई है। मौसम विभाग की हाल फिलहाल की जानकारी के मुताबिक, आने वाले सात दिनों के दौरान केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा के साथ वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि जारी रहने की संभावना है।

Kal Ka Mausam 14 October 2025

कल का मौसम 14 अक्टूबर 2025

वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक के कुछ भागों, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के अधिकांश क्षेत्रों, गोवा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, छत्तीसगढ़ के अधिकांश भागों, बिहार के शेष इलाकों, पूरे झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों से वापस हो गया है। इसके साथ ही, अगले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों के शेष हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी रहेंगी। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर भारी वर्षा भी होने की संभावना बनी हुई है। वर्तमान में ऊपरी हवाओं की सक्रिय गतिविधियां पूरे देश के मौसम पर असर डाल रही हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में हवाओं का संकेंद्रण (Concentration) बन रहा है, वहीं दक्षिण असम के ऊपर भी इसका प्रभाव देखा जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण तमिलनाडु में भी ऊपरी हवाओं का सक्रिय संकेंद्रण बना हुआ है, जिससे मानसून की गति और वर्षा की तीव्रता में बदलाव की संभावना बनी हुई है।

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