Kal Ka Mausam: अगले 3 दिनों में बदलेगा का मौसम का मिजाज, कहीं बरसेंगे बादल तो कहीं चलेंगी तेज हवाएं, जानें नॉर्थ टू साउथ का अपडेट

Kal Ka Mausam 7 October 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: मानसून की विदाई के बीच देश के कई राज्यों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ और अलग-अलग मौसमी सिस्टम के असर से दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर बन सकता है। पहाड़ों से लेकर दक्षिण भारत तक कई इलाकों में गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।

Kal Ka Mausam 7 October 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वहीं, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा अभी भी 27.5° उत्तरी अक्षांश और 86.5° पूर्वी देशांतर से होते हुए सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से गुजर रही है।

Kal Ka Mausam

कल का मौसम

इसके बाद यह रेखा 17.5° उत्तरी अक्षांश और 71.8° पूर्वी देशांतर तक बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी हवाओं के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसका अक्ष समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 68° पूर्वी देशांतर के आसपास, 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में स्थित है। दक्षिण हरियाणा के ऊपर निचले स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश से उत्तर बंगाल की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ट्रफ भी बनी हुई है। दक्षिणी तटीय ओडिशा और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं, दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर तमिलनाडु के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मौसम विभाग ने बताया कि निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ भी फैली हुई है।

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