Kal Ka Mausam 28 July 2026: देशभर में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगा है और कई राज्यों में बारिश का दौर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वहीं, तमिलनाडु के कई जिलों में बारिश के बीच तापमान बढ़ने का अनुमान है, जिससे लोगों को मौसम के लगातार बदलते मिजाज के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो मानसून ट्रफ फिलहाल समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है, जिसके कारण देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।
कल का मौसम 28 जुलाई 2026
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट से सटे क्षेत्र में बना दबाव (Depression) और अधिक मजबूत होकर गहरे दबाव (Deep Depression) में बदल गया है। 27 जुलाई 2026 की सुबह 8:30 बजे यह प्रणाली इसी क्षेत्र में केंद्रित रही। इसके उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 27 जुलाई की दोपहर के आसपास बालासोर और कैनिंग के बीच पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Upper Air Cyclonic Circulation) सक्रिय है। इसी परिसंचरण से लेकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ट्रफ (द्रोणिका) भी बनी हुई है। वहीं, मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इसके साथ ही पूर्व-मध्य अरब सागर और उससे सटे कोंकण तट के ऊपर मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो पश्चिमी तट पर वर्षा की गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में कल का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि, कमजोर मानसून के चलते इस बार अब तक एनसीआर में उम्मीद के मुताबिक व्यापक और लगातार बारिश दर्ज नहीं हुई है, लेकिन बादलों की आवाजाही के कारण लोगों को भीषण गर्मी और लू से काफी राहत मिल रही है। 28 जुलाई को मौसम में सबसे अधिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने पूरे दिन के लिए सुबह, दोपहर, शाम और रात, हर समय गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसी कारण येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 29 जुलाई को भी मौसम का यही रुख बना रहेगा। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार पूरे दिन थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इस दिन भी लोगों को मौसम खराब रहने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
28 जुलाई को उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अनेक इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
बिहार में कल के मौसम का हाल
वहीं अगर बात बिहार की करें तो यहां के अधिकांश हिस्सों में भी मानसून का प्रभाव बना रहेगा। राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा का दायरा सीमित रह सकता है। इस दिन गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। वहीं, 28 जुलाई के लिए बिहार में भारी बारिश की कोई व्यापक चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में भारी वर्षा की अधिक संभावना 29 और 30 जुलाई को रहेगी। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में अगले पांच दिनों का मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 28 जुलाई से राजस्थान में मानसून की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 28 और 29 जुलाई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, 30 और 31 जुलाई को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। 1 और 2 अगस्त को भी राज्य के पूर्वी भाग में कई स्थानों पर बारिश जारी रहने के साथ कहीं-कहीं भारी वर्षा होने का अनुमान है। दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान में अगले पांच दिनों के दौरान छिटपुट से हल्की बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं, जिनकी गति झोंकों में 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, चलने की संभावना है। इसके अलावा 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज
28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में इस अवधि के दौरान अनेक स्थानों पर व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि मराठवाड़ा में 28 से 31 जुलाई तक अच्छी वर्षा का दौर जारी रह सकता है। गुजरात क्षेत्र में 28 जुलाई तथा 31 जुलाई से 2 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है, वहीं सौराष्ट्र-कच्छ में 1 और 2 अगस्त को वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 29 और 30 जुलाई के दौरान गुजरात क्षेत्र तथा 28 से 31 जुलाई तक सौराष्ट्र-कच्छ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि कोंकण-गोवा में 28 जुलाई से 2 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में 28 जुलाई तथा 30-31 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 1 और 2 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र में 28-29 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है, जबकि 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं सौराष्ट्र-कच्छ में 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने के आसार हैं।
मध्य भारत में जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
वहीं मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में भी बारिश का दौर जा रह सकता है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच कई स्थानों पर व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि 31 जुलाई से 2 अगस्त तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 28 जुलाई से 2 अगस्त तक अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। वहीं, विदर्भ में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक कई स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है, जबकि 2 अगस्त को कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है। इस अवधि में पश्चिम मध्य प्रदेश में 28 से 31 जुलाई तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 जुलाई के दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं, जिनके झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं, चलने की संभावना है। वहीं विदर्भ में 28 और 29 जुलाई और छत्तीसगढ़ में 28 से 31 जुलाई तक गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी। बारिश की तीव्रता की बात करें तो पश्चिम मध्य प्रदेश में 28 जुलाई तथा 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है, जबकि 29 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी वर्षा का अनुमान है, जबकि 29 और 30 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। विदर्भ में 30 जुलाई को भारी बारिश तथा 28 और 29 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं।
तमिलनाडु में तापमान में बढ़ोतरी का पूर्वानुमान
चेन्नई ने अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु के कई हिस्सों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 जुलाई तक राज्य के आठ आंतरिक जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना है। वहीं, मौसम विभाग ने पश्चिमी घाट और उत्तरी तटीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना जताई है, जिससे कुछ इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम बुलेटिन के अनुसार, वेल्लोर, इरोड, करूर, डिंडीगुल, मदुरै, विरुधुनगर, तूतीकोरिन (थूथुकुडी) और तिरुनेलवेली जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इन जिलों के लोगों को खासतौर से दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में रहने से बचने और गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है, क्योंकि इसी दौरान तापमान अपने चरम पर रहने की संभावना है।
