कल का मौसम : 40 घंटे बादल गिराएंगे पानी मूसलाधार! बर्फीली हवाओं से गिरेगा तापमान; भीषण कोहरे का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 और 25 दिसंबर को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे वाले स्थानों पर बर्फबारी एवं बारिश की संभावना है। इस मौसम के असर से उत्तर भारत और पश्चिमी भारत के राज्यों में शीतलहर की गति बढ़ेगी व धीरे-धीरे न्यूनतम-अधिकतम तापमान में कमी आएगी, जिससे सिहरन वाली सर्दी परेशानी का सबब बनेगी। दिल्ली से लेकर बिहार तक सभी राज्यों में घना कोहरा (Dense Fog) छाया रहेगा, जिससे विजिबिलिटी बुरी तरह प्रभावित होगी और रेल, हवाई व सड़क यातायात पर विपरीत प्रभाव रहेगा, जिससे यात्रियों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

देशभर में मौसम का पैटर्न बदल रहा है। उत्तर भारत में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड का असर है तो कई राज्यों में मौसमी गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हवाले से पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही एवं बारिश के साथ बर्फबारी का दौर जारी है, जिसके प्रभाव से गलन वाली सर्दी का एहसास हो रहा है। 24 और 25 दिसंबर को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में भीषण कोहरा और शीतलहर का अलर्ट है। घने कोहरे के कारण अधिकांश राज्यों से संचालित ट्रेनों गति धीमी रहेगी और हवाई यातायात भी चरमराया रहेगा। स्काईमेट वेदर के मुताबिक, बुधवार को कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों पर आंशिक तौर पर बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश हो सकती है। कमोबेस ऐसे ही मौसम का अनुमान पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में दर्ज किया जा सकता है।

Kal Ka Mausam

कल का मौसम

दिल्ली में कल मौसम कैसा रहेगा?

आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में 25 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई है। 24 और 25 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। अब सुबह और रात के समय कोहरा छाया रहेगा। इस दौरान हवा पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा से पांच किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रहेंगी और अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित रहेगा। सीपीसीबी के मुताबिक एक्यूआई 400 गंभीर श्रेणी के पार या ‘अत्यंत गंभीर’ श्रेणी में पहुंच सकता है, जिससे खतरनाक प्रदूषण का सामना करना पड़ सकता है।

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