Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : उत्तर भारत में मौसम के तेवर तीखे हैं। पिछले 3 दिनों से पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने से पछुआ हवाओं ने हालत खराब कर रखी है। खासकर, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत मैदानी इलाके लू की गिरफ्त में हैं। इससे दिन में चटख धूप और गर्म हवाएं बह रही हैं, जिससे दिन में लोग घरों में कैद रहने को मजबूर है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 घंटे मौसम में कोई परिवर्तन के संकेत नहीं हैं। इस बीच 26 अप्रैल से दिल्ली-एनसीआर में सुबह हल्की बूंदाबांदी के संकेत हैं। हालाकि, स्काईमेट ने पूर्वोत्तर के राज्यों में बादलों के छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कमोबेश यही हालात पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश के संकेत हैं।
कल का मौसम
यूपी कल का मौसम
यूपी में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह 10 बजे के बाद आसमान से आग बरस रही है। 10 बजे से शाम 4 बजे तक घर से निकलना जोखिम भरा साबित हो रहा है। आलम यह है कि राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के कांटे को टच कर गया है। आईएमडी के मुताबिक, वाराणसी में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और लखनऊ में 41 डिग्री सेल्सियस। मौसम विभाग ने 26 अप्रैल तक पश्चिम से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड में भीषण लू चलने के संकेत दिए हैं। अब रात में भी तापमान बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अगले 5 दिन में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ने की संभावना है। ऐसे ही हालत बिहार में रहेंगे।
दिल्ली कल का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम के औसत तापमान से तीन डिग्री कम है। आईएमडी ने बुधवार को आसमान साफ रहने तथा अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान व्यक्त किया है। हालांकि, 26 अप्रैल को मौसम में नर्मी देखने को मिलेगी। स्काईमेट ने 26 अप्रैल की सुबह हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की है, जिससे गर्मी से मामूली राहत हो सकती है। ये बारिश 'टच एंड गो' वाली बारिश रहेगी। लेकिन, अगले सप्ताह से भीषण गर्मी के लिए दिल्ली-एनसीआर को तैयार रहना होगा।
दिल्ली में प्रदूषण
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। मई में इसके स्तर में और कमी आने की संभावना है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 220 दर्ज किया गया, जो 'खराब श्रेणी' में आता है।
राजस्थान में मौसम
राजस्थान में भीषण गर्मी के दौर के बीच अब मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में मौसम शुष्क रहने और अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री से नीचे दर्ज होने की संभावना है। इसके अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य में सर्वाधिक तापमान कोटा में 42.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 21 °C | 40 °C |
| मुंबई | 27 °C | 33 °C |
| पटना | 24 °C | 42 °C |
| लखनऊ | 24 °C | 40 °C |
| भोपाल | 23 °C | 40 °C |
| जयपुर | 26 °C | 38 °C |
| कश्मीर | 4°C | 17 °C |
| देहरादून | 15 °C | 34 °C |
| शिमला | 9 °C | 26 °C |
कब आएगा प्री मॉनसून?
मध्य भारत के कुछ भागों में अप्रैल से प्री मॉनसून संकेत मिल रहे हैं। इनमें कर्नाटक, बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी का पूर्वी भाग, तेलंगाना और पूर्वी भारत में प्री मॉनसून एक्टिव हो सकता है। पहाड़ी राज्य कश्मीर, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से एक बार फिर बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। जम्मू-कश्मीर में हल्की बर्फबारी हो सकती है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस बार संचयी वर्षा दीर्घ अवधि औसत (एलपीए) 87 सेंटीमीटर का 105 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी 2025 के मानसून सीजन में लगभग 87 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। यह सामान्य से अधिक बारिश का संकेत है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
हॉट डे क्या होता है?
हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।
