देश के दक्षिण हिस्सों पर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सक्रिय है और आगे की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, अभी पश्चिमी तट पर रुका हुआ है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 16 जून तक पूर्वी भारत के हिस्सों पर बना रहेगा। कुल मिलाकर केरल,कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिमी घाट के हिस्सों पर तूफान के साथ तेज बारिश से मौसम बदला रहेगा। अगले 24 घंटे के दौरान महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कुछ हिस्सों पर बादलों के बरसने की संभावना है। उधर, पूर्वोत्तर के राज्यों में मध्यम स्तर की बारिश का अलर्ट घोषित है। आईएमडी ने पहाड़ों पर एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से बारिश-अंधड़ और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। खाककर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिस्सों पर मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इधर, उत्तर भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार तक उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के कुछ हिस्सों पर तेज हवाओं के साथ पानी बरसने और आकाशीय बिजली कड़कने या गिरने का अलर्ट है। हालांकि, कुछ हिस्सों पर लू के संकेत हैं।
मौसम आज-कल
दक्षिण-पूर्वोत्तर भारत में बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारतीय राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक्टिव है और अगले कई दिनों तक इसके बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, लक्ष्यद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के तटीय भागों पर तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। हालांकि, ऊपरी हिस्सों पर भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन लू और गर्मी से राहत संभव है। इसके अतिरिक्त पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मॉनसून प्रभावित करेगा, जिससे असम, अरुणाचल, सिक्किन, मेघालय और नागालैंड के कुछ जिलों में तूफानी हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने और मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलावा विदर्भ, कोंकण, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल के हिस्सों पर मौसम बदला रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में कैसा है मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले तीन दिनों से बादलों की आवाजाही जारी और हल्की बारिश से गर्मी से राहत है। मंगलवार की सुबह हल्की बारिश से न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उससे सटे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेघ गर्जन और 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से तेज हवा के साथ मध्यम से गंभीर आंधी-तूफान का पूर्वानुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश मध्य पाकिस्तान और उसके आस-पास के क्षेत्रों पर बने एक चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो रही है। आईएमडी ने अगले दो दिन तक मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान का अनुमान जताया है। मौसम में बदलाव से प्रदूषण कंट्रोल में है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 150 के आसपास है जो ’मध्यम’ श्रेणी में आता है।
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का असर
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का असर दिखाई दे रहा है। आईएमडी के मुताबिक, चित्तौड़गढ़ ज़िले में मॉनसून-पूर्व (प्री-मॉनसून) बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जून के पहले 15 दिनों में जिले में 88 मिमी बारिश हुई, जो पिछले तीन सालों में इसी अवधि में हुई बारिश के स्तर से ज़्यादा है। आईएमडी के अनुसार, मानसून के 22 जून से 25 जून के बीच चित्तौड़गढ़ और मेवाड़ क्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद है।
अगर मौसम का मौजूदा हाल ऐसा ही रहा, तो जून 2026 हाल के वर्षों में सबसे ज्यादा बारिश वाले महीनों में से एक हो सकता है। पिछले चार वर्षों के मौसम संबंधी आंकड़े बताते हैं कि इस साल मानसून-पूर्व बारिश का कितना महत्व रहा है। जून के केवल पहले पंद्रह दिनों में 88 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो जून 2025 के पूरे महीने में हुई 75 मिलीमीटर बारिश से अधिक है। यह जून 2024 में हुई कुल 91.2 मिलीमीटर बारिश के भी लगभग बराबर है।
इस साल कम होगी बारिश
आईएमसी जयपुर के डायरेक्टर डॉ. आर.एस. शर्मा के अनुसार, सक्रिय अल-नीनो की स्थिति मुख्य मॉनसून महीनों के दौरान बारिश को कम कर सकती है। इस घटनाक्रम में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून हवाओं को कमजोर करने और मौसमी बारिश को कम करने की क्षमता है। नतीजतन, इस साल मॉनसून की कुल बारिश लंबे समय के औसत का लगभग 90 प्रतिशत रह सकती है, जिससे यह प्री-मॉनसून की भारी बारिश के बावजूद सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में आ जाएगी।
तमिलनाडु में कैसा है मौसम
तमिलनाडु में पश्चिमी हवाओं की गति और पैटर्न में बदलाव बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी घाट क्षेत्र के साथ-साथ नमक्कल, सलेम, तिरुचि, पेरम्बलुर, अरियालुर, कल्लाकुरिची, तंजावुर, तिरुवरुर और मयिलादुथुराई जिलों में मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। अगले दो दिनों में मदुरै, रामनाथपुरम और शिवगंगा जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में कम से कम एक और सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। चेन्नई के लिए, पूर्वानुमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। शहर में अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जिससे यह राज्य के सबसे गर्म इलाकों में से एक बन जाएगा।
