देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू का खतरा बना हुआ है। दिल्ली, यूपी, बिहार, पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि को लेकर मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम प्रणालियों की बात करें तो उत्तरी श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र आज, 11 मई 2026 को सुबह 8:30 बजे (भारतीय समयानुसार) उसी क्षेत्र में बना हुआ है।
कल का मौसम कैसा रहेगा
अगले 48 घंटों में इसके और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है। उत्तरी श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र से लेकर दक्षिणी लक्षद्वीप क्षेत्र तक निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में पूर्वी हवाओं की एक गर्त रेखा फैली हुई है। निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और केरल तट से सटे लक्षद्वीप के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और केरल तट से सटे लक्षद्वीप के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण से लेकर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में मराठवाड़ा तक पूर्वी हवाओं की एक गर्त रेखा फैली हुई है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। एक गर्त दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर फैला हुआ है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। एक गर्त पूर्वी अरुणाचल प्रदेश से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर फैला हुआ है। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर स्थित है।
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मई को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं 14 से 17 मई के बीच केरल और माहे में भी अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक वर्षा देखने को मिल सकती है। इसके अलावा 12 से 15 मई 2026 के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने 12 मई को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में तथा 12 और 13 मई को उत्तराखंड में ओलावृष्टि की संभावना भी व्यक्त की है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि अगले चार से पांच दिनों के दौरान राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू का असर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली में कल का मौसम
राजधानी दिल्ली में कल दोपहर तक मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा, जिसके बाद आसमान पूरी तरह बादलों से ढकने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार सुबह और दोपहर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके आने की आशंका है। दोपहर और शाम के समय भी हल्की से मध्यम बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.5 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 1.5 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम रहने की संभावना है। हवा की दिशा मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व रहने की उम्मीद है। सुबह के समय हवा की रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि दोपहर में इसकी गति घटकर 15 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने का अनुमान है। शाम और रात के दौरान भी दक्षिण-पूर्व दिशा से करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से शांत पड़े मौसम के बाद अब एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले तीन दिनों में मुरादाबाद मंडल के मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, रामपुर और बिजनौर जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की आशंका भी जताई गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश के चलते तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, लेकिन 15 मई के बाद गर्मी फिर से जोर पकड़ सकती है। संभावना है कि प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाए।
बिहार में कल के मौसम का हाल
भीषण गर्मी और तेज धूप से परेशान बिहार के लोगों को अब मौसम ने कुछ राहत दी है। हालिया बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत महसूस हो रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। राजधानी पटना समेत बिहार के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। गया, जहानाबाद, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, अररिया, किशनगंज और कटिहार सहित कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है, जबकि कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा होने के आसार हैं। मौसम के इस बदलाव का असर लोगों की दैनिक गतिविधियों और यातायात पर भी पड़ सकता है।
राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम
राजस्थान के मौसम की बात करें तो पूर्वी क्षेत्र में 12 मई को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी आशंका जताई गई है। इसके साथ ही राज्य के कई हिस्सों में लू की स्थिति बने रहने की चेतावनी भी जारी की है। पश्चिमी राजस्थान में 12 से 17 मई तक और पूर्वी राजस्थान में कुछ हिस्सों में 12 से 15 मई के बीच हीटवेव का असर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही राजस्थान के कुछ इलाकों में रात के समय भी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक 13 से 17 मई के दौरान राजस्थान में अधिकतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और तेज होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में कल मौसम कैसा रहेगा
अब बात करें मध्य प्रदेश के मौसम की तो में अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में अगले 4 से 5 दिनों तक लू चलने की संभावना जताई गई है। खासतौर पर 12 से 15 मई के बीच गर्म हवाओं का असर अधिक रहने का अनुमान है, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। IMD के मुताबिक 12 से 15 मई के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। हालांकि 16 और 17 मई को तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके अलावा मध्य प्रदेश से सटे कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है। लोगों को दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने की सलाह दी गई है।
पंजाब-हरियाणा में कल का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ 12 से 15 मई के दौरान मौसम का मिजाज बदला-बदला रह सकता है। इस अवधि में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। किसानों को फसलों की सुरक्षा और लोगों को खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बारिश और तेज हवाओं के चलते कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि बाद में तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।
ओडिशा में ऑरेंज और येलो अलर्ट
श्रीलंका के उत्तरी तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सोमवार को बना निम्न दाब क्षेत्र अगले 48 घंटे में और तीव्र हो सकता है, जिसके चलते अगले छह दिनों तक ओडिशा के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। IMD ने अपने सुबह की बुलेटिन में बताया कि यह वेदर सिस्टम मन्नार की खाड़ी और उससे सटे श्रीलंका के ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से बनी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में इस प्रणाली के और अधिक तीव्र होने की उम्मीद है। आईएमडी के भुवनेश्वर केंद्र के अनुसार, 21 जिलों में गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मयूरभंज जिले के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' सहित 20 अन्य जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
पहाड़ी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब बना रह सकता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 12 से 15 मई के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 12 मई को ओलावृष्टि की आशंका जताई है, जबकि उत्तराखंड में 12 और 13 मई को कुछ क्षेत्रों में ओले गिर सकते हैं। खराब मौसम को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
