Kal Ka Mausam 1 July 2026: देशभर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, दिल्ली-यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट; जानें मौसम का हाल

Kal Ka Mausam 1 July 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: देशभर में मानसून लगातार सक्रिय होता जा रहा है, जिससे कई राज्यों में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने 1 जुलाई और अगले कुछ दिनों के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।

कल का मौसम (Kal Ka Mausam): देशभर में मानसून अब तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है और कई राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। अब मौसम विभाग ने 1 जुलाई और आने वाले दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के आसार हैं। वहीं राजस्थान, उत्तराखंड, मुंबई और तमिलनाडु सहित कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और बदलते मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वेदर सिस्टम की बात करें तो वर्तमान में सीजनल ट्रफ पंजाब से उत्तर बंगाल की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में फैली हुई है, जिससे मानसूनी गतिविधियों को बल मिल रहा है।

Kal Ka Mausam

कल का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर बंगाल की खाड़ी और दक्षिण बांग्लादेश से सटे क्षेत्र के ऊपर निचले एवं मध्य क्षोभमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा पूर्वी बिहार और आसपास के इलाकों के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं महाराष्ट्र से उत्तर केरल तक समुद्र तट के समानांतर एक ऑफ-शोर ट्रफ भी बनी हुई है, जो पश्चिमी तट पर वर्षा की गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है। मध्य क्षोभमंडल में दक्षिण-मध्य मध्य प्रदेश से पूर्व-मध्य अरब सागर तक एक ट्रफ मौजूद है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अतिरिक्त 86° पूर्वी देशांतर के आसपास 25° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में निचले स्तर की पश्चिमी हवाओं के बीच एक ट्रफ सक्रिय है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 2 जुलाई 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) प्रभावी होने की संभावना है, जिसके कारण क्षेत्र के मौसम में बदलाव और वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

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