'हेमंत सरकार ने लाखों छात्रों को दिया धोखा', HC के स्टे के बाद भड़के छात्र नेता, क्या फिर शुरू होगा आंदोलन?

झारखंड हाई कोर्ट द्वारा राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगाने के बाद छात्र संगठन 'JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच' ने सरकार पर बड़ा छल करने का आरोप लगाया है। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने कोर्ट में सही तथ्य पेश नहीं किए।

झारखंड हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार के विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद छात्रों का गुस्सा एक बार फिर से फूट पड़ा है। 'JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच' के छात्र नेता पीयूष, रवींद्र पासवान और कुणाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर हेमंत सोरेन सरकार पर झारखंड के लाखों युवाओं और उनके अभिभावकों के साथ बड़ा छल करने का गंभीर आरोप लगाया है।

JPSC JSSC Reform Manch

JPSC-JSSC विवाद में नया मोड़

छात्र नेताओं ने बताया कि परीक्षाओं में हो रही व्यापक धांधली, पेपर लीक, परीक्षा माफियाओं के संरक्षण और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) रद्द करने की मांग को लेकर वे पिछले 26 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने और भूख हड़ताल पर बैठे थे। इस लंबे संघर्ष के आगे झुकते हुए सरकार ने लगभग 22 परीक्षाओं को रद्द करने और सुधार का आश्वासन देकर आंदोलन स्थगित कराया था। हालांकि, सीबीआई जांच की मांग पर सरकार के असमर्थता जताने के बाद छात्र न्यायिक जांच और 2 महीने के अल्टीमेटम पर सहमत हुए थे।

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