झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा छात्र आंदोलन आकार ले रहा है। 'JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान' का दूसरा चरण सोमवार, 24 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने घोषणा की है कि इस 'भर्ती प्रणाली सुधार यात्रा' की शुरुआत रामगढ़ जिले में स्थित पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा के लुकैया टांड़ से की जाएगी।
शिबू सोरेन के गांव से बजेगा भर्ती सुधार का बिगुल
यह पूरी यात्रा झारखंड की समृद्ध पारंपरिक संस्कृतियों और रीति-रिवाजों के अनुसार शुरू होगी। उद्घाटन के अवसर पर वरिष्ठ पाहानों की गरिमामयी उपस्थिति में पारंपरिक अनुष्ठान किए जाएंगे। मांदर की थाप पर राष्ट्रगान गाया जाएगा, राज्य के महान अमर नायकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और पर्यावरण व भावी पीढ़ियों के अधिकार के प्रतीक के रूप में साल (सखुआ) का पौधा भी लगाया जाएगा।
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24 जिलों को नापेगी यात्रा, साथ चलेगी वकीलों की टीम
रामगढ़ से शुरू होकर यह सुधार यात्रा पूरे राज्य के 24 जिलों का दौरा करेगी। हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, धनबाद, बोकारो से होते हुए यह यात्रा जमशेदपुर, खूंटी, गुमला, पलामू और अंत में राजधानी रांची पहुंचेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्यभर के छात्रों को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा प्रणाली के प्रति जागरूक करना और उनका समर्थन जुटाना है। इस यात्रा की सबसे अनोखी बात यह है कि अभ्यर्थियों के साथ अधिवक्ताओं (वकीलों) की एक विशेष टीम भी साथ चलेगी।
पूरा आंदोलन रहेगा संवैधानिक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण
यह टीम भर्ती प्रक्रियाओं में आ रही कानूनी अड़चनों, याचिकाओं और वकालतनामा जैसे कानूनी कागजातों में अभ्यर्थियों की नि:शुल्क मदद करेगी। देवेंद्र महतो ने साफ किया कि यह पूरा आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा। हिंसा या कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों का इस यात्रा से कोई संबंध नहीं होगा। युवाओं का लक्ष्य सरकार तक अपनी जायज मांगें पहुंचाना और मेधावी छात्रों को उनका हक दिलाना है।
