JNU हिंसा पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, दोषियों पर BNS के तहत दर्ज होगा केस; रजिस्ट्रार ने जारी की सख्त चेतावनी

जेएनयू प्रशासन ने 22-23 फरवरी की दरमियानी रात हुई हिंसा पर आधिकारिक बयान जारी कर नकाबपोशों द्वारा की गई हाथापाई और लाइब्रेरी में छात्रों को डराने की निंदा की है। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और BNS के तहत केस दर्ज किया जाएगा।

JNU Violence News: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार देर रात हुई हिंसक झड़प के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। परिसर में वामपंथी संगठनों और एबीवीपी (ABVP) के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद रजिस्ट्रार की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि कैंपस के शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

jnu administration statement

हिंसा को लेकर प्रशासन ने जारी किया स्टेटमेंट

भारतीय न्याय संहिता के तहत होगी कार्रवाई

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक बयान जारी किया है, जिसमें इन घटनाओं को 'अत्यधिक परेशान करने वाला' बताया है। प्रशासन के संज्ञान में आया है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के एक समूह ने न केवल एकेडमिक बिल्डिंग्स को बंद कर दिया, बल्कि सेंट्रल लाइब्रेरी में घुसकर शांतिपूर्वक पढ़ रहे छात्रों को डराया-धमकाया और उन्हें जबरन विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मजबूर किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

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