Jharkhand Protest: दिल्ली के बाद अब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील के बाद अनशन कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने चौथे दिन पानी पिया। इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को बातचीत के लिए मुख्यमंत्री आवास बुलाया है। हालांकि, छात्रों ने इस प्रकार तत्काल कोई फैसला नहीं लिया, लेकिन सोचने के लिए दो घंटे का समय जरूर मांगा है।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
धरनास्थल पहुंचे सरकार के प्रतिनिधि
जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए एसडीएम कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार धरना स्थल पहुंचे। इस दौरान, अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की तरफ से आंदोलनकारी छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री आवास पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, छाज्ञों ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री से किसी भी तरह की बातचीत महज छात्रों के बीच ही होगी। साथ ही, छात्रों ने मुख्यमंत्री की ओर से आए प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के लिए दो घंटे का समय मांगा है। इसके बाद वह अपना अंतिम निर्णय अधिकारियों को बताएंगे।
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आंदोलनकारी छात्रों की क्या है मांग
आंदोलनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा रद्द करने, आयोग तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में सुधार लागू करने की 25 जुलाई से मांग कर रहे हैं। वे परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या राज्य से बाहर के हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की भी मांग कर रहे हैं।
जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने कहा कि हमारी मांगों के समर्थन में मंगलवार रात से दो महिलाओं सहित हमारे पांच साथी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों के समर्थन में ’तिरंगा मार्च’ निकालने पर निर्णय लेने के लिए जल्द ही कोर समिति की बैठक होगी। भूख हड़ताल कर रहीं सबिता कुमारी ने कहा कि सरकार उनकी मांगें नहीं मान रही है, इसलिए उन्हें इस प्रकार का आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
क्या कुछ बोले हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कहा था कि उनकी सरकार प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। सोरेन ने रांची में संवाददाताओं से कहा था, ''पूरी गंभीरता और गहन जांच के साथ उनकी मांगों और सवालों पर उचित समय पर निर्णय की घोषणा की जाएगी। मुझे विश्वास है कि प्रदर्शनकारियों की चिंताओं का समाधान होगा।''
