झांसी: जिले के वरोदा गांव में आयोजित त्रयोदशी संस्कार में शनिवार की शाम सात बजे के बाद खाना खाने वाले सभी लोग एक-एक करके बीमार होने लगे। आलम ये था कि गांव के घर-घर में बीमारों की बढ़ती संख्या के बीच चीख-पुकार मच गई। इसमें खाना बनाने वाले हलवाई व उसके सहयोगियों की भी हालत बिगड़ी हुई है। सभी का अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
झांसी में त्रयोदशी का खाना खाने वाले 1000 लोग बीमार
7 बजे के बाद खाना खाने वाले बीमार
दरअसल, ग्राम वरोदा के पूर्व प्रधान लाखन सिंह राजपूत के यहां त्रयोदशी संस्कार का आयोजन कर शाम पांच बजे से भोजन शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि पहले 2 घंटे के दरम्यान कन्या भोज और ब्राह्मण भोज के आलावा दूर-दराज के गांवों से पहुंचे जिन लोगों रिश्तेदारों ने भोजन किया था, उन सभी की सेहत ठीक है। तबीयत उनकी खराब हुई, जिन्होंने शाम सात बजे बाद खाना खाया।
पूर्व प्रधान के घर था त्र्योदशी का आयोजन
हालात यह है कि ग्राम वरोदा के ज्यादातर परिवारों के सभी सदस्य बीमार हैं, चूंकि गांव के लोग आखिरी में भोजन ग्रहण करने गए थे। इसके अलावा त्रयोदशी का आयोजन करने वाले पूर्व प्रधान और उनके परिवार के सभी सदस्य हॉस्पिटल में भर्ती हैं। खाना बनाने वाला हलवाई मोंठ निवासी सिया कुशवाहा और उसके सहयोगियों की भी हालत ठीक नहीं है।
इन अस्पतालों में भर्ती मरीज
बड़ी संख्या में बीमार हुए लोगों के इलाज के लिए अस्पतालों में जगह कम पड़ गई, लिहाजा सभी को अलग-अगल अस्पतालों में भर्ती कराया गया। 100 से ज्यादा मरीजों को मोंठ और समथर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, यहां उन्हें संबंधित दवाओं के साथ ग्लूकोस चढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा आसपास के अन्य अस्पतालों में भी लोग इलाज करा रहे हैं। झांसी के मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पतालों में भी ग्रामीण इलाज के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय के मुताबिक, सभी मरीजों को उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत है। फिलहाल, सभी की स्थिति सामान्य है। कई मरीजों को डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया है। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय बनी हुईं हैं। ताकि, किसी को कोई समस्या न हो।
