Janmashtami 2024: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर साल में एक बार होने वाली मंगला आरती में शामिल होने के लिए भक्त ललाहित रहते हैं। हर कोई इसका हिस्सा बनना चाहता है। साल में एक बार जन्माष्टमी पर होने वाले मंगला आरती के लिए देश-विदेश से लाखों भक्त मंदिर पहुंचते हैं। लेकिन, शायद इस बार श्रीकृष्ण भक्तों की यह इच्छा पूरी नहीं हो पाएगी। इस बार भी प्रशासन के इंतजाम के देखकर लगता है कि इस बार भी मंगला आरती में सीमित भक्तों को ही एंट्री मिल सकेगी। पिछले साल भी सिर्फ अधिकारी और उनके परिवारजन, सेवा, सुरक्षा से जुड़े लोग और वीआईपी ही इस आरती में शामिल हो सके थे। इस बार भी सीमित भक्त ही दर्शन कर पाएंगे।
बांके बिहारी मंदिर
मंगला आरती के लिए पहुंचते हैं लाखों भक्त
इस साल भी 26 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। वहीं पूरा ब्रज पलके बिछाए कृष्ण के जन्म का इंतजार कर रहा है। देश सहित विदेश से भी इस दिन लाखों भक्त ब्रज आएंगे। हर साल जन्माष्टमी पर लाखों भक्त रात के समय होने वाली मंगला आरती के दर्शन के लिए जमा होते हैं। साल 2022 की बात करें तो इस दिन दर्शन के दौरान मंदिर में भगदड़ मच गई थी। और इस दौरान दो भक्तों की जान भी चली गई थी। इसके साथ ही कई लोग भागदौड़ में घायल भी हो गए थे। इस हादसे के बाद प्रशासन मंदिर में आने वाले भक्तों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई है।
मंदिर परिसर में व्यवस्था को लेकर तैयारी
इस बारे में सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर परिसर में व्यवस्था को लेकर तैयारी चल की जा रही है। वहीं साल 2023 में सबकुछ सही से हो गया था, और किसी भी भक्त को कोई असुविधा नहीं हुई थी। जिसे देखते हुए इस बार भी सही व्यवस्था और आयोजन किए जाएंगे।
भक्तों को होती है परेशानियां
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर लाखों की भीड़ मंदिर में दर्शन के लिए आती है। इन भक्तों को सरल और सुगम दर्शन कराने के लिए न तो मंदिर प्रबंधन और न ही जिला प्रशासन इसकी पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार होता है। सभी एक दूसरे पर जिम्मेदारियों को टालते रहते हैं। वहीं सही व्यवस्था न होने पर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों को कई तरह की परेशानियां उठनी पड़ती है।
व्यवस्था को लेकर लापरवाही
पिछले साल ही जन्माष्टमी पर दोनों पक्षों को बीच जिम्मेदारियों को लेकर काफी चिकचिक हुई थी। बताया जाता है कि पिछले साल भी दर्शन से पहले पर्ची व्यवस्था लागू होनी थी। लेकिन, न तो इस व्यवस्था को लेकर कोई अधिकारिक फरमान जारी किया गया और न भक्तों के लिए को प्रवेश द्वार तय किया गाया था।
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पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था
हर साल यहां पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था फेल हुई है। जिसका परिणाम यहां आने वाले भक्तों को झेलना पड़ा है। हालांकि, कई बार व्यवस्थाएं की गई। कई बार प्लान बनाए गए, बैठक की गई। मगर सब फेल हो गया। श्री बांके बिहारी मंदिर में हर रोज करीब हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं त्योहारों पर यहां आने वाले भक्तों की संख्या हजार से बढ़कर लाखों में पहुंच जाती है। लेकिन, मंदिर परिसर में एक समय में सिर्फ 1000 भक्त ही जा पाते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन भीड़ को कैसे कंट्रोल करेगी।
