Jamui Hospital Surgery in Torchlight: जमुई सदर अस्पताल में शुक्रवार को स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बार फिर पोल खुल गई। एक ओर सिविल सर्जन कार्यालय में रोगी कल्याण समिति की बैठक में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और उपकरणों को लेकर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में जेनरेटर का तेल खत्म होने से करीब 30 से 45 मिनट तक बिजली गुल रही। इस दौरान डॉक्टरों को मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में दो गर्भवती महिलाओं की सर्जरी करनी पड़ी।
जमुई सदर अस्पताल की खुली पोल
अब बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को हाथोंहाथ लिया। जिसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया के X पर पोस्ट करते हुए लिखा: "बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की रूह कंपकपाने वाली तस्वीर! टोर्च की रोशनी में गर्भवती का ऑपरेशन! बाढ़ और संकट के समय बिहार का दौरा नहीं करने वाले तथा केवल चुनावों में ही बिहार आकर बिहार को ही बदनाम एवं अपमानित करने प्रधानमंत्री जी बिहार आएंगे और फिर 21 सालों की एनडीए सरकार के जंगलराज का रोना रोएंगे।"
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घटना के समय पूजा कुमारी और अंजनी कुमारी को प्रसूता वार्ड से ऑपरेशन के लिए ओटी में लाया गया था। सर्जरी शुरू होने के बाद बिजली चली गई। जेनरेटर में ईंधन नहीं होने के कारण वह भी चालू नहीं हो सका। इसके बाद महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी कुमारी, डॉ. रघुनंदन और ओटी असिस्टेंट अमित कुमार ने मोबाइल की फ्लैशलाइट और टॉर्च की रोशनी में दोनों महिलाओं की सर्जरी पूरी की।
डॉक्टरों ने घटना की जानकारी सिविल सर्जन और अस्पताल उपाधीक्षक को दी। डॉक्टरों के ग्रुप में भी इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई गई। डॉक्टरों के अनुसार, इससे पहले भी ऐसी स्थिति सामने आ चुकी है। हालांकि अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय ने घटना से इनकार किया है। इधर, भास्कर के पास टॉर्च की रोशनी में सर्जरी का वीडियो उपलब्ध है।
8 साल से अतिरिक्त प्रभार पर प्रबंधक
सूत्रों के अनुसार, ब्लॉक हेल्थ मैनेजर रमेश पांडेय पिछले करीब आठ वर्षों से सदर अस्पताल के प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. थनिश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है और उच्चस्तरीय जांच की जा रही है।
ओटी में जरूरी है वैकल्पिक बिजली इंतजाम
ऑपरेशन थिएटर में मुख्य बिजली के साथ ऑटो-स्विचिंग जेनरेटर, यूपीएस और आपातकालीन बैकअप लाइट की व्यवस्था जरूरी होती है। साथ ही जीवनरक्षक उपकरणों के लिए बैकअप बिजली, ऑक्सीजन की वैकल्पिक व्यवस्था और संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन भी आवश्यक है।
