जामिया मिलिया इस्लामिया में दो दशक बाद फिर होंगे छात्र संघ चुनाव, विरोध प्रदर्शन के बाद झुका प्रशासन

जामिया मिलिया इस्लामिया में 20 साल के लंबे अंतराल के बाद छात्र संघ चुनाव कराने का बड़ा आदेश जारी हुआ है। हालांकि छात्रों ने निश्चित समय सीमा न होने के कारण इसे अस्पष्ट बताते हुए विरोध जारी रखा है।

राजधानी दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया में लगातार कई दिनों से चल रहे छात्रों के उग्र आंदोलन और प्रदर्शन के बाद प्रशासन को बड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को दो दशकों के लंबे अंतराल के बाद छात्र संघ चुनाव कराने का फैसला किया है। हालांकि, विश्वविद्यालय के इस आदेश को प्रदर्शनकारी छात्रों ने पूरी तरह से मानने से इनकार कर दिया है और इसे 'अस्पष्ट' बताते हुए अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

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छात्रों ने जारी रखा प्रदर्शन (फाइल फोटो)

क्या है विश्वविद्यालय प्रशासन का आधिकारिक आदेश?

26 अक्टूबर 2026 को जामिया मिलिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी के कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ का चुनाव, छात्र संघ के संविधान की स्वीकृति मिलने की तिथि से 15 दिनों के भीतर आयोजित किया जाएगा। आंदोलन के दौरान छात्रों पर जारी किए गए सभी निलंबन और कारण बताओ नोटिसों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों की भूमिका और कार्रवाइयों की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाएगा। आदेश में यह दर्ज किया गया है कि प्रदर्शनकारी छात्र प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ की गई किसी भी भ्रामक या अपमानजनक बयानबाजी के लिए माफी मांगेंगे और सोशल मीडिया पोस्ट को तुरंत हटाएंगे। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त करने को कहा गया।

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