ठाकुरजी की पालकी लेकर कलेक्ट्रेट क्यों पहुंचे ग्रामीण? दौसा में 'प्रशासन न्याय दो' की गूंज; जानें पूरा मामला

दौसा में ग्रामीणों ने भगवान ठाकुर जी को पालकी में विराजमान कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। गादरवाड़ा ब्राह्मण गांव के लोगों ने सिवाय चक भूमि पर अतिक्रमण और रास्ता बंद होने का आरोप लगाया। भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई।

राजस्थान के दौसा जिले में शुक्रवार को भक्ति और न्याय का अनोखा संगम देखने को मिला। यहां बांदीकुई उपखंड के गादरवाड़ा ब्राह्मण गांव के ग्रामीण भगवान ठाकुर जी की प्रतिमा को पालकी में विराजमान कर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाने कलेक्ट्रेट पहुंचे। पूरे परिसर में “जय श्री ठाकुर जी महाराज की जय” और “प्रशासन न्याय दो” के उद्घोष गूंजते रहे।

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ठाकुर जी को पालकी में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे पुजारी

क्या है पूरा मामला?

ग्रामीणों ने ठाकुर जी की चांदी की पालकी को फूलों और झालरों से सजाकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर स्थापित किया। भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों के बीच उन्होंने एडीएम रामस्वरूप चौहान को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व हरिमोहन पुजारी और विनोद सैनी ने किया। ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो अब उन्होंने भगवान को साक्षी मानकर न्याय की फरियाद की है।

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