Squadron Leader Mohana Singh: धरती से लेकर आसमान तक बेटियां देश का नाम रोशन कर रही हैं। हौसलों की मजबूत बुनियाद पर अपने पराक्रम और साहस का सबूत पेश कर रही हैं। कुछ इसी तरह की कहनी का पात्र बन चुकी हैं, झुंझुनूं की बेटी मोहना सिंह। मोहना करीब आठ साल बाद एक बार फिर अपने जिले का नाम रोशन कर किया है। सिंह भारतीय वायु सेना की एक प्रमुख महिला फाइटर पायलट हैं। वे जून 2016 में भारतीय वायु सेना में शामिल हुईं और अवनी चतुर्वेदी और भावना कंठ के साथ पहली महिला फाइटर पायलटों के समूह का हिस्सा बनीं। अपनी सफलता की कहानी को बरकरार रखते हुए अब वो स्कवाड्रन लीडर बन गई हैं। इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवाते हुए अब वे देश की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं, जो एलसीए तेजस लड़ाकू विमान (LCA Tejas Fighter Jet) को उड़ाएंगी।
स्क्वाड्रन लीडर मोहना सिंह
दादा-नाना से प्रेरित हैं मोहना सिंह
उदयपुरवाटी के समीप पापड़ा गांव की ढाणी जीतरवालों की रहने वाली मोहना सिंह का जन्म 22 जनवरी 1992 को राजस्थान के झुंझुनू में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रताप सिंह है, जो कि एक रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर हैं। उनकी मां का नाम मंजू सिंह हैं, जो कि एक टीचर हैं। मोहना दो बहनें है। उनके दादा और नाना भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। नाना के साथ रहते हुए मोना दिल्ली में स्कूली शिक्षा के दौरान नाना को रोजाना एयरफोर्स की ड्रेस में देखा करती थीं। वहीं से प्रेरित होकर मोना ने भी डिफेंस क्षेत्र में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया, जो आज सही साबित हो रहा है। तेजस उड़ाने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनने पर मोहना सिंह के परिवर में खुशी का माहौल है।
स्क्वाड्रन लीडर मोहना सिंह
ऐसे पाई सफलता
झुंझुनूं जिला मुख्यालय के समीप खतेहपुरा में उनके माता-पिता प्रताप सिंह और मंजू सिंह के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों में खुशी का माहौल है। मोहना सिंह की मां मंजू सिंह ने बताया कि इसी साल मई में मोहना सिंह गांव आकर गईं थी। तब तक उन्हें भी नहीं पता था। लेकिन, बाद में पता चला कि उनका चयन तेजस उड़ाने के लिए हो गया है। इसके बाद दो महीने की ट्रेनिंग हुई और सभी टेस्ट पास करने के बाद मोहना सिंह ने अपना नाम इतिहास में दर्ज करवा दिया। अब वे तेजस उड़ाने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं।
मिग-21 भी उड़ाया
32 साल की मोहना सिंह की शादी तीन साल पहले बिजनसमैन मोहित के साथ हुई थी। मां ने कहा कि हमने कभी भी बेटे-बेटी में भेदभाव नहीं किया। बड़े बुजुर्गों ने कहा बेटा होना चाहिए, लेकिन हमारी बेटियों ने बेटे की जरूरत नहीं महसूस होने दी। पिता प्रताप सिंह ने कहा कि बेटियों को यदि सही शिक्षा और सही दिशा दिखाई जाए तो वे भी बेटों से कम नहीं हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण मोहना सिंह हैं। आपको बता दें कि मोहना सिंह भारत की पहली महिला फाइटर पायलटों में से एक हैं, जो आईएएफ की ऐतिहासिक महिला फाइटर स्ट्रीम का हिस्सा हैं। उन्होंने मिग-21 (MIG-21) उड़ाए और बाद में गुजरात के नलिया एयर बेस (Naliya Air Base) पर प्रतिष्ठित फ्लाइंग बुलेट्स स्क्वाड्रन (Flying Bullets Squadron) में शामिल हुईं।
