राजस्थान: भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में बनेगा चिड़ियाघर, लुप्त प्रजातियों के जीवों को बसाया जाएगा, ये है पूरा प्रोजेक्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 7, 2023, 02:34 PM IST

Rajasthan: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान विश्व धरोहर की सूचि में शुमार है। ये अभयारण्य देशी व विदेशी पक्षियों की शरण स्थली के तौर पर समूचे विश्व में पहचाना जाता है। चिड़ियाघर बनने के बाद अब यहां नम भूमि में रहने वाली प्रजातियों के वन्यजीवों जैसे गैंडे, जलीय भैंसे, डाॅल्फिन सहित मगरमच्छों को बसाया जाएगा। इसके लिए फ्रांस की एक संस्था ने पहले चरण के लिए करीब 15 करोड़ की राशि मंजूर की है।

KEY HIGHLIGHTS
  • भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में बनेगा चिड़ियाघर
  • कई रेयर प्रजातियों के वन्यजीवों को यहां बसाया जाएगा
  • फ्रांस की एक संस्था करेगी परियोजना में वित्तीय सहयोग


Rajasthan: राजस्थान के भरतपुर शहर में स्थित विश्व प्रसिद्ध केवालादेव नेशनल पार्क में जू बनने की कवायद की जा रही है। इसके लेकर प्रदेश के वन विभाग की ओर से इस राष्ट्रीय उद्यान के भीतर एक चिड़ियाघर बनाने का प्रस्ताव दिया है। बता दें कि, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान विश्व धरोहर की सूचि में शुमार है। ये अभ्यारण्य देशी व विदेशी पक्षियों की शरण स्थली के तौर पर समूचे विश्व में पहचाना जाता है।

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राजस्थान के भरतपुर में स्थित केवलादेव नेशनल पार्क में बनेगा चिड़ियाघर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

चिड़ियाघर बनने के बाद अब यहां नम भूमि में रहने वाली प्रजातियों के वन्यजीवों जैसे गैंडे, जलीय भैंसे, डाॅल्फिन सहित मगरमच्छों को बसाया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इसके पीछे की प्रमुख वजह है नम भूमि वाले इस अभ्यारण्य में जैव विविधतता का विकास करना है। इसके लिए फ्रांस की एक संस्था ने पहले चरण के लिए करीब 15 करोड़ की राशि मंजूर की है। इसके बाद आने वाले 8 सालों में कुल 12 सौ करोड़ खर्च किए जाएंगे।

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