राजस्थान के सागवाडा(डूंगरपुर) इलाके में एक गांव हैं, जहां पत्थरों से होली खेली जाती है। इस बार भी इसी तरह की होली खेली गई, जिसमें कई लोगों के घायल होने की भी खबर है। जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
भीलूड़ा गांव में आज रंग गुलाल से नहीं, पत्थरों की होली खेली गई। ढोल कुंडी की थाप पर होली की चीत्कार करते हुए दोनों गुटों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर बरसाए।
पत्थरों की मार से 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। किसी के हाथ तो किसी के पैर और सिर पर पत्थर लगे।
घायलों का भीलूड़ा अस्पताल में इलाज करवाया गया। यहां मान्यता है कि पत्थरों की चोट से निकलने वाला खून जब जमीन पर गिरता है तो गांव में कोई अनहोनी नहीं होती है। गांव में सालभर खुशहाली रहती है।
