जयपुर : राजस्थान के स्कूल-कॉलेजों में आगामी शैक्षणिक सत्र से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके तहत एक पुस्तक का नामकरण भी ‘सिंदूर’ के नाम पर पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विचार कर रही है। यह गौरवशाली कार्य देश के इतिहास का हिस्सा बनेगा और आने वाली पीढ़ियां इसे पढ़ेंगी और गर्व से याद रखेंगी। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप लिया गया है, जिसमें देश की सैन्य शक्ति और उसके अदम्य साहस को युवाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। सरकार के मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि देश की सेना ने जो साहस और पराक्रम दिखाया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। ऑपरेशन सिंदूर एक ऐतिहासिक सैन्य अभियान है, जिसे स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना एक सराहनीय कदम होगा। इससे छात्रों को देशभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व का बोध होगा।
(फाइल फोटो)
विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना
दैनिक भास्कर के हवाले से शिक्षाविदों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत की मजबूत सैन्य क्षमता की झलक मिलती है, इसलिए इसे एनसीईआरटी सहित अन्य राज्यों के पाठ्यक्रमों में भी शामिल किया जाना चाहिए। विशेष रूप से भाजपा शासित प्रदेशों में इस पहल को लेकर अधिक संभावना जताई जा रही है। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री पीसी बैरवा ने बताया कि विभागीय स्तर पर विशेषज्ञ समिति के साथ चर्चा कर इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। राजस्थान शिक्षा बोर्ड के सचिव कैलाश चंद शर्मा ने भी कहा कि पाठ्यक्रम समिति की अनुशंसा के अनुसार ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस बदलाव से विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना और सैन्य बलों के प्रति सम्मान बढ़ाने की उम्मीद है। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य उपलब्धियों को समझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
