Navaratri 2022: बॉर्डर पर इस मंदिर में पूजा करते हैं फौजी, 1965 में पाकिस्तान के 3 हजार बम हो गए थे बेअसर

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  • Updated Sep 28, 2022, 05:43 PM IST

Rajasthan: जैसलमेर से करीब 120 किमी व पाकिस्तान बॉर्डर से महज 20 किमी की दूरी पर स्थित है तनोट माता मंदिर। यह मंदिर आजादी के बाद भारत-पाक युद्ध का गवाह भी रहा है। मंदिर भाटी राजपूत राव तनुजी द्वारा बसाए गए तनोट में स्थित है। लोग वर्तमान में मंदिर को तनोटराय मातेश्वरी या तनोट माता के नाम से पुकारते हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • जैसलमेर से करीब 120 किमी व पाकिस्तान बॉर्डर से महज 20 किमी की दूरी पर स्थित है तनोट माता मंदिर
  • पाकिस्तानी सेना ने मंदिर एरिया में 3 हजार से भी अधिक बम गिराए थे, मगर एक भी बम नहीं फटा
  • बीएसएफ के जवान ही करते हैं तनोट माता मंदिर में सुबह- शाम आरती

Navaratri 2022: राजस्थान के मरूस्थल में जैसलमेर से करीब 120 किमी व पाकिस्तान बॉर्डर से महज 20 किमी की दूरी पर स्थित है तनोट माता मंदिर। यह मंदिर आजादी के बाद भारत- पाक युद्ध का गवाह भी रहा है। मंदिर भाटी राजपूत राव तनुजी द्वारा बसाए गए तनोट में स्थित है। लोग वर्तमान में मंदिर को तनोटराय मातेश्वरी या तनोट माता के नाम से पुकारते हैं। तनोट थार के रेगिस्तान में जैसलमेर जिले में भारत-पाक सीमा पर बसा एक गांव है।

tanot mata mandir.

तनोट माता मंदिर के पास गिरे थे युद्ध के दौरान बम (फोटो- फेसबुक)

मंदिर की स्थापना 8वीं शताब्दी की शुरुआत में होना बताया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि, 1965 कि जंग में पाकिस्तानी सेना ने मंदिर के एरिया में 3 हजार से भी अधिक बम गिराए थे, मगर एक भी बम नहीं फटा। तनोट माता मंदिर युद्ध में भी अडिग रहा।

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