Ashok Gehlot on Rajendra Singh Gudha: सियासत के जादूगर कहलाने वाले राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा जुबानी हमला किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पीएम ने धधकती आग में लगभग 77 दिन से अधिक तक जलने वाले नॉर्थ ईस्ट के मणिपुर पर अपनी बात सेकेंड्स में खत्म कर दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी वहां का एक दौरा कर के इतिश्री कर ली। वह लोग विश्व गुरु बनने की बात तो करते हैं, पर उन्हें पहले अपने घर को संभाल लेना चाहिए। ये सारी बातें उन्होंने शनिवार (22 जुलाई, 2023) दोपहर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी बात रखते हुए राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत।
बकौल सीएम, "कई बातें अच्छे-अच्छे लोगों को समझ नहीं आतीं। पीएम को भी नहीं समझ आईं...77 दिन हो गए, पर संसद में आपने मणिपुर पर एक शब्द नहीं बोला। जिस राज्य में धधकती हुई आग लग रही है, वहां आपने सुप्रीम कोर्ट के इंडीकेशन मिलने के बाद अपनी बात सेकेंड्स में खत्म कर दी थी। मुझे अफसोस है कि कहां मणिपुर जल रहा है...कितने मारे गए? यह किसी को नहीं पता।"
उन्होंने आगे कहा- मणिपुर के सीएम कह रहे हैं कि आप एक रेप की घटना की बात कर रहे हैं। ऐसी 100 से अधिक घटनाएं सूबे में हो चुकी हैं। तीन चार हजार एफआईआर के दाखिल होने की बात सामने आ रही है। पीएम ने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मणिपुर के सीएम अपने सूबों में ध्यान रखें। ये उन्होंने हमारे सूबे के स्वाभिमान पर चोट की है। मणिपुर में क्या नहीं हो रहा है! 140 जनता शर्मसार नहीं हुई बल्कि पीएम के सरकारी कारनामों और लापरवाही से दुखी है। गृह मंत्री एक बार गए और इतिश्री कर आए। जमीनी स्तर पर जो कुछ हुआ, उस पर बस उन्होंने चंद सेकेंड्स में अपनी बात खत्म कर दी थी।
राज्य में फूड सिक्योरिटी एक्ट पर आगे अपनी बात रखते हुए सीएम ने तंज कसते हुए यह भी टिप्पणी की, "वह (मोदी) विश्व गुरु बनने की बात कर रहे हैं...पहले घर को तो संभाल लीजिए। भुखमरी और गरीबी पर आप क्या कर रहे हैं?" उन्होंने आगे कहा, "भारत सरकार 200 रुपए पेंशन देती है...यह सोशल सिक्योरिटी है?" सुनिए, अपनी पीसी के दौरान गहलोत ने क्या कुछ कहा:
हालांकि, राजेंद्र सिंह गुढ़ा के मसले पर उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। बोले कि यह अंदरूनी मामला है, जिस पर अपने हिसाब से चर्चा कर लेंगे। गहलोत की यह पीसी ऐसे वक्त पर हुई है, जब एक रोज पहले कबीना मंत्री गुढ़ा ने शुक्रवार (21 जुलाई, 2023) को विधानसभा में महिला अत्याचार के मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेरा था। सदन में राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी विधेयक 2023 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के विधायकों ने मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर तख्तियां लहराईं थी।
गुढ़ा ने इस दौरान अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा ''राजस्थान में ये सच्चाई है कि हम महिलाओं की सुरक्षा में असफल हो गए, और राजस्थान में जिस तरह से अत्याचार बढ़े हैं महिलाओं के ऊपर, मणिपुर के बजाय हमें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।'' पूरे वाकये के कुछ ही घंटे बाद उन पर कार्रवाई हुई है। राजभवन के प्रवक्ता की ओर से बताया गया कि सीएम ने शुक्रवार रात मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को बर्खास्त कर दिया। उन्हें बर्खास्त करने के बारे में मुख्यमंत्री की अनुशंसा को राज्यपाल ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
जब तक सांसें, तब तक बोलूंगा...चाहे जेल भेज दो- गुढ़ा
उधर, सूबे के विस चुनाव से पहले सीएम के लिए नई सिरदर्दी बन कर उभरने वाले गुढ़ा ने कहा कि उन्हें चाहे जेल में डाल दिया जाए, पर बोलेंगे और अपनी बात रखेंगे। जब तक उनकी सांसें रहेंगी तब तक वह आवाज उठाते रहेंगे। इस बीच, बीजेपी की नेत्री और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा है- जिस तरह की घटनाएं घट रही हैं उससे समाज तार-तार हो रहा है। मैं आहत हूं। आलम यह है कि रक्षक ही भक्षक बन बैठे हैं...अगर इन लोगों शर्म होती तो इस्तीफा दे देते।
