Jaipur : अच्छी खबर! जयपुर के परकोटे में अब मिलेगा लाखों लोगों को साफ पेयजल, पीएचईडी की ये तैयारी

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 17, 2022, 02:06 PM IST

Jaipur : जयपुर के परकोटे के भीतर वाले इलाकों में 642 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा। पीएचइडी के सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक आगामी दिनों में फील्ड में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों व महकमे अधिकारियों से साथ पानी की गुणवत्ता व जेजेएम सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। प्रदेश में पेयजल सप्लाई से जुड़ी सभी 33 हजार 760 टंकियों की सफाई का कार्य करवाया जाएगा। अब बदलाव के सभी कार्यों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी।

KEY HIGHLIGHTS
  • परकोटे के भीतर वाले इलाकों में 642 किमी पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा
  • पेयजल सप्लाई से जुड़ी सभी 33 हजार 760 टंकियों की सफाई का कार्य होगा
  • बदलाव के सभी कार्यों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी

Jaipur : राजधानी जयपुर के लोगों के लिए ये एक राहत भरी खबर है। खासकर परकोटे में बसे लोगों को अब जल्द दूषित पेयजल की समस्या से छुटकारा मिलने वाला है। जलदाय विभाग की ओर से परकोटे के भीतर बरसों पुरानी जर्जर हो चुकी पाइप लाइन बदलने की तैयारी की जा रही है। जलदाय विभाग के एसीएस सुबोध अग्रवाल ने पेयजल आपूर्ति को लेकर विचार विमर्श किया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक परकोटे के भीतर वाले इलाकों में 642 किमी पुरानी पाइप लाइन को बदला जाएगा। पीएचइडी के सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक आगामी दिनों में फील्ड में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों व महकमे के अधिकारियों से साथ पानी की गुणवत्ता व जेजेएम सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। बता दें कि जयपुर में 642 किमी, अजमेर में 150 किमी, कोटा में 262 किमी, भरतपुर में 206 किमी व बूंदी में 150 किमी पुरानी व जर्जर पाइप लाइन चिन्हित की गई है। जिसमें से धौलपुर में 73 किमी, कोटा में 91,भरतपुर में 130 किमी, किमी, बूंदी में 86 किमी व डूंगरपुर में 50 किमी पाइप लाइन बदली जाएगी।

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जयपुर परकोटे के भीतर वाले इलाकों में डलेगी नई पाइपलाइन। (सांकेतिक तस्वीर)

बदलाव की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग

जलदाय विभाग के एसीएस के मुताबिक पूरे प्रदेश में पेयजल सप्लाई से जुड़ी सभी 33 हजार 760 टंकियों की सफाई का कार्य करवाया जाएगा। अब बदलाव के सभी कार्यों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश में दूषित पेयजल आपूर्ति की वजह बन गई 2 हजार 583 किमी पुरानी और जर्जर पाइप लाइनों को भी चेंज किया जाएगा। एसीएस के मुताबिक 886 किमी पाइपलाइन बदलने की स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं 1100 किमी का प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। वहीं 596 किमी पाइप लाइन बदलने के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की तैयारी चल रही है।

कार्य गुणवत्ता से समझौता मंजूर नहीं

एसीएस सुबोध अग्रवाल के मुताबिक जन स्वास्थ्य की दिशा में पीएचइडी की ओर से करवाए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में पेयजलापूर्ति के लिए कुल 24 हजार 409 भूतल जलाशय हैं। वहीं 4 हजार 415 स्वच्छ जलाशय और 4 हजार 939 उच्च जलाशय हैं। एसीएस के मुताबिक पानी की टंकियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण आमजन को दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। मगर अब महकमे में जलाशयों की समय पर सफाई हो इसके लिए कंप्यूटरीकृत व्यवस्था की जा रही है।

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