Holi Festival 2023: राजस्थान के इस मंदिर में होती है अनूठी होली, मशालों पर होती अग्नि प्रज्वलित, भक्त करते दर्शन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 7, 2023, 06:52 PM IST

Holi Festival 2023: राजसमंद जिले के कांकरोली कस्बे में स्थित पुष्टिमार्ग की तीसरी पीठ श्री द्वारिकाधीश मंदिर में होली से एक दिन पहले मशालें प्रज्वलित की जाती है। ये परंपरा यहां सदियों से चली आ रही है। इस मौके पर चौरासी खंब व राल के दर्शनों के लिए यहां देश भर के श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। फागोस्तव के दौरान मंदिर में होने वाले आयोजनों में शामिल होने राजस्थान समेत गुजरात, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से लोग कांकरोली आते हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • राल दर्शन का नाता श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से है
  • दिन में श्रद्धालुओं को 84 खंभ के दर्शन होते हैं
  • राजभोग के दर्शन में प्रभु द्वारिकाधीश को रतन चौक में किया जाता है विराजित

Holi Festival 2023: राजस्थान का इतिहास जहां समृद्ध परंपराओं व राजसी वैभव वाला रहा है। वहीं यहां त्योहारों को लेकर धार्मिक मान्यताएं भी किसी से छिपी नहीं हैं। देश के इस प्रदेश में पर्वों व मेलों की रवायतें हर किसी का अचंभित करती हैं। फागुन की मस्ती से सराबोर होली का त्योहार देश भर में मनाया जा रहा है।

Nathdwara Temple  Rajasthan

राजस्थान के राजसमंद के द्वारकाधीश मंदिर में मशालों को करते होली पर प्रज्वलित (फाइल फोटो)

इसी कड़ी में आपको बताने जा रहे हैं, राजस्थान की अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित राजसमंद जिले के कांकरोली कस्बे में स्थित पुष्टिमार्ग की तीसरी पीठ श्री द्वारिकाधीश मंदिर के बारे में। जहां पर होली से एक दिन पहले मशालें प्रज्वलित की जाती है। बता दें कि, ये परंपरा यहां सदियों से चली आ रही है। इस मौके पर चौरासी खंभ व राल के दर्शनों के लिए यहां देश भर के श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। इनके दर्शनों का भक्त साल भर बेताबी से इंतजार करते हैं। फागोस्तव के दौरान मंदिर में होने वाले कई तरह के आयोजनों में शामिल होने राजस्थान समेत गुजरात, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से खासी तादाद में लोग कांकरोली आते हैं।

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