Cyber Fraud : अगर आप इंटरनेट सर्फिंग करते समय यू-ट्यूब पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि साइबर ठगों ने अब नई तरकीब इजाद कर ली है। ये साइबर क्रिमिनल यूजर्स को तरह-तरह का झांसा देते हैं और चंद रुपयों के लालच में लोग अपनी गाढ़ी कमाई से हाथ धो बैठते हैं। ऐसा ही एक वाकया सामने आया है जयपुर से। जहां पर महिला डॉक्टर ने जालसाजों के चक्कर में फंसकर 43 लाख रुपये गंवा दिए। काफी समय बाद जब उसे अहसास हुआ कि वो ठगी का शिकार हो चुकी है तब उसने एसओजी को शिकायत दर्ज कराई, हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। बहरहाल, टीम ने चार लोगों को गिरफ्तार किया और उनके बैंक अकाउंट से 22 करोड़ रुपये का लेन-देन मिला।
जयपुर में महिला डॉक्टर के साथ लाखों की ठगी हो गई। (सांकेतिक फोटो)
इस तरह के लालच से रहें सावधान
मनोचिकित्सक डॉ. अंकिता सिंह ने चार अप्रैल को साइबर शाखा में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने बताया कि मार्च महीने में उनके पास वाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें कथित अपूर्वा ग्लोबल एडवरटाइजिंग कंपनी के सेलस मैनेजर की ओर से कहा गया कि उनकी कंपनी के वीडियो में एक लाइक पर 50 रुपये भेजे जाएंगे, जिससे आप दो-तीन हजार रुपये रोजाना कमा सकते हैं। जिसके लिए आपको कोई पेमेंट किसी भी माध्यम से करने की जरूरत नहीं है।
पहले पैसे भेजे फिर लूटा
पीडि़ता ने बताया है कि शुरुआत में उन्होंने कुछ वीडियो लाइक भी किए, जिसके बाद उनके खाते में पांच से सात हजार रुपये आए। इस पर उन्हें लगा कि कंपनी वीडियो लाइक करने पर पैसे भेज रही है। तभी उनके पास कॉल आता है और शख्स उनसे दो लाख रुपये की मांग करता है। दावा ये किया गया कि आपने कुछ गलत वीडियो लाइक कर दिए हैं, इसलिए पहले पैसे भर दें बाद में आपको रिफंड मिलेगा। तब डॉक्टर ने पैसे भरकर ज्यादा से ज्यादा वीडियो लाइक किए ताकि भरपाई में समय न लगे। तभी दो दिन के बाद उनके पास एक कॉल आती है और कहा जाता है दो लाख और भेजिए अन्यथा पुरानी दो लाख रुपये की रकम फ्रीज हो जाएगी। डर के कारण उन्होंने और दो लाख रुपये भी भर दिए। ऐसे करते-करते जालसाजों ने उनके पास से पांच दिन में 43 लाख रुपये हड़प लिए।
आरोपियों के पास मिले करोड़ों
लाखों रुपये गंवाने के बाद डॉक्टर अंकिता ने स्वजन से चर्चा कर एसओजी को शिकायत की। तब टीम ने भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ से संचालित हो रहे इस गिरोह का भंडाफोड़ किया और चार को गिरफ्तार किया। ये लोग मुंबई में फर्जी कंपनी का पंजीकरण कराते थे और फिर अपनी लोकेशन पर पहुंच कर ठगी करते थे। आरोपियों में युवराज मीणा, लेहरू लाल तेली, किशनलाल प्रजापति और गोवर्धन लाल रैगर को दबोचा है। ये लोग नौ बैंक अकांउट का प्रयोग करते थे, इनके पास से 22 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि सभी खातों को फ्रीज करा दिया गया है।
