जोधपुर : जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉ. राकेश बिश्नोई के आत्महत्या मामले में, सरकार और परिजनों के बीच मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त हो गया। यह घटना 7वें दिन हुई, जब जयपुर के एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर चल रहा प्रदर्शन खत्म हुआ। डॉ. राकेश ने आत्महत्या की थी, और उनके परिजनों का आरोप है कि एचओडी डॉ. राजकुमार ने उन्हें थीसिस पूरी नहीं कराने की धमकी दी थी।
(सांकेतिक फोटो)
इस मामले के विरोध में, उदयपुर में डॉ. रवि शर्मा की करंट लगने से हुई मौत के बाद, 600 रेजिडेंट्स ने हड़ताल की। हड़ताल के कारण एमबी अस्पताल में 70% ऑपरेशन टालने पड़े। कोटा में भी रेजिडेंट्स ने कार्यबहिष्कार का निर्णय लिया। मंत्री जोगाराम पटेल के बंगले पर हुई वार्ता में, मंत्री केके बिश्नोई, डॉ. राकेश के भाई श्रीकिशन और सुभाष ने भाग लिया। एक घंटे की वार्ता के बाद, सहमति बनी कि एचओडी को एपीओ किया जाएगा और एसआईटी का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, परिजनों को आर्थिक मदद और डॉ. राकेश की पत्नी को नियमानुसार नौकरी देने का आश्वासन दिया गया।
