Indore Water Contamination: इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से लोगों ने सिर्फ जान ही नहीं गंवाई बल्कि आर्थिक परेशानियों की दोहरी मार भी झेली है। दरअसल भागीरथपुरा की एक बड़ी आबादी रोजी रोटी के लिए दिहाड़ी मजदूरी और फैक्ट्रियों में काम करती है। घरों वालों की बीमार पड़ने की वजह से उनकी रोजाना की कमाई पर भी असर पड़ रहा है। टाइम्स नाउ नवभारत ऐसी कई लोगों के पास पहुंचा और हाल जानने की कोशिश की।
कई दिनों से परिवारों में रुक गई है कमाई
एक शख्स जिनकी मां का 29 जनवरी को डायरिया के चलते निधन हो गया था, वो दिहाड़ी मजदूर है। 400 रुपए रोजाना कमाता था लेकिन फिलहाल अंतिम संस्कार के चलते घर पर है और बेहद मुश्किल में है।
वहीं एक शख्स ने बताया कि उसकी दिहाड़ी रुकने से बहुत दिक्कत हो रही है। एक शख्स जो रोजाना गाड़ी चलाते हैं, उन्होंने बताया कि गंदे पानी का डर रिश्तेदारों में भी है। घर पर जो रिश्तेदार मिलने देखने आ रहे हैं, वो अपने लिए पानी भी अपने ही घर से लेकर आ रहे हैं। वहीं एक महिला जो डायरिया के चलते चार दिन ICU में भर्ती थी उसके पति केवल 13 हजार रुपये महीने की नौकरी करते हैं। पीड़ित महिला का कहना है कि इलाज में 16 हजार खप गए हैं। उनकी सरकार से गुजारिश है पैसा जल्द वापस दिलाएं और साफ पानी भी।
