Indore water contamination: मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हुई मौतों की घटना पर मीडिया के सवालों का जवाब देते समय आपा खो बैठे और कैमरे के सामने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। विवाद बढ़ने पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने अपने बयान पर खेद जताया। विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर अहंकार का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। भागीरथपुरा विजयवर्गीय के इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इलाके में दूषित पानी से जुड़े डायरिया के प्रकोप के कारण 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 212 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। 50 मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई है।
कैलाश विजयवर्गीय ने बिगड़े बोल पर दी सफाई (ANI)
आपा खो बैठे विजयवर्गीय
राज्य के शहरी विकास और आवास मंत्री विजयवर्गीय ने बुधवार रात मीडिया से बातचीत के दौरान शुरू में शांत भाव से सवालों के जवाब दिए। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि भागीरथपुरा के कई मरीजों को निजी अस्पतालों में भुगतान किए गए बिलों का रिफंड क्यों नहीं मिला और निवासियों के लिए पीने के पानी की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई, तो वे अचानक आपा खो बैठे। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, छोड़ो, फालतू के सवाल मत पूछो। इसके बाद विजयवर्गीय और सवाल उठाने वाले पत्रकार के बीच बहस छिड़ गई, जिसके बाद मंत्री ने एक आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया।
फिर जताया खेद, कहा- बिना सोए कर रहे काम
बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, विजयवर्गीय ने खेद व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा- मेरी टीम और मैं पिछले दो दिनों से प्रभावित क्षेत्र में स्थिति सुधारने के लिए लगातार बिना सोए काम कर रहे हैं। दूषित पानी के कारण मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई है। गहरे शोक की इस स्थिति में मीडिया के एक प्रश्न के उत्तर में मेरे शब्द गलत निकल गए। मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं। हालांकि, जब तक मेरी जनता पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाती, मैं चैन से नहीं बैठूंगा।
जीतू पटवारी ने मांगा इस्तीफा
वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों की संख्या आठ से बढ़कर दस हो गई है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर अहंकार का आरोप लगाया और मांग की कि मुख्यमंत्री मोहन यादव नैतिक आधार पर विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगें। मुख्यमंत्री यादव ने बुधवार को भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैले दस्त को आपातकालीन स्थिति बताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि 212 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 50 ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई।
