पहाड़ों की रानी कहा जाने वाला मसूरी किसे पसंद नहीं है। यहां की वादियों में छुट्टियां बिताना हर किसी का सपना होता है। माल रोड पर चहलकदमी और पहाड़ों व दून वैली का नजारा करने का किसका मन नहीं करता। लेकिन मसूरी पहुंचना आसान नहीं है। पहले दो देहरादून तक का लंबा सफर ही थका देता है। हालांकि, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी सिर्फ ढाई घंटे की रह जाएगी। देहरादून से मसूरी की दूरी तो ज्यादा नहीं है, लेकिन पीक सीजन में इस छोटे से सफर में तीन घंटे तक लग जाते हैं। देहरादून से मसूरी तक सर्पीली सड़क पर ट्रैफिक जाम के कारण गाड़ियां रेंगती हुई नजर आती हैं। इसका समाधान तैयार हो रहा है, जो देहरादून से मसूरी तक का सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा कर देगा। चलिए जानते हैं।
PPP मॉडल पर बन रहा देहरादून-मसूरी रोपवे
ये तो तय है कि देहरादून से मसूरी की दूरी सिर्फ 15 मिनट में तय करनी है तो आपको उड़कर जाना होगा। उत्तराखंड पर्यटन विभाग आपके लिए उड़ने की ही तैयारी कर रहा है। जी हां, देहरादून और मसूरी के बीच उत्तराखंड का सबसे लंबा रोपवे बनाया जा रहा है। यह रोपवे न सिर्फ आपको दून वैली का खूबसूरत नजारा दिखाएगा, बल्कि देहरादून-मसूरी रोड पर लगने वाले ट्रैपिक जाम से भी बचाएगा। यह रोपवे आपको सिर्फ 15 मिनट में देहरादून से मसूरी और मसूरी से देहरादून पहुंचा देगा।
कब तक तैयार होगा रोपवे
यह रोपवे प्रोजेक्ट एक तरफ आपको दून वैली का आसमानी नजारा दिखाएगा, वहीं दूसरी तरफ देहरादून और मसूरी के बीच आवाजाही को भी आसान बना देगा। रोपवे का काम तेजी से चल रहा है और इसके सितबंर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस रोपवे के बन जाने से क्षेत्र में पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके दिल्ली से देहरादून ढाई घंटे में और फिर 15 मिनट में मसूरी। यानी तीन घंटे से भी कम समय में दिल्ली से मसूरी पहुंच जाएंगे।
कितना लंबा रोपवे
देहरादून और मसूरी के बीच बन रहा यह रोपवे कुल 5.5 किमी का होगा। साढ़े पांच किमी का यह रोपवे दोनों शहरों के बीच न सिर्फ दूरी को कम करेगा, बल्कि पर्यटकों को दून वैली का शानदूर व्यू भी देगा। इस सफर के दौरान आपको ऐसा महसूस होगा, जैसे आप हवा में उड़कर मसूरी जा रहे हैं। इस रोपवे की केबल कार में सभी आधुनिक सुरक्षा उपाय होने के साथ ही इसकी बड़ी-बड़ी कांच की खड़कियां अद्भुत नजारा पेश करेंगी। इस रोपवे को इस तरह से बनाया जा रहा है कि एक घंटे में 1300 यात्री एक तरफ को सफर कर सकें। यानी अगर दोनों छोर से केबल कार पूरी क्षमता के साथ चलीं तो एक घंटे में 2600 यात्री इसमें सफर कर सकते हैं।
रोपवे की लागत
इस रोपवे को 300 करोड़ की लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बनाया जा रहा है। यह सिर्फ एक एक सुविधा नहीं बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। देहरादून और मसूरी के बीच गाड़ियों की आवाजाही कम होने से यहां पर प्रदूषण भी कम होगा और पूरे साल प्रदूषण मुक्त और ईको फ्रेंडली ट्रैफिक मोड मिलेगा। सर्दियों में बर्फबारी की वजह से सड़कें बंद हो जाती है और मानसून के मौसम में बारिश व भूस्खलन से दिक्कत होती है। लेकिन रोपवे बनने से देहरादून और मसूरी के बीच की कनेक्टिविटी बनी रहेगी।
देहरादून में मल्टी लेवल पार्किंग
अन्य शहरों से आने वाले पर्यटक देहरादून में अपनी गाड़ी खड़ी करके मसूरी तर रोपवे का लुत्फ ले सकें, इसके लिए शहर में मल्टी लेवल पार्किंग बनाई जा रही है। देहरादून के पास पुरकुल गांव में 10 मंजिला मल्टी लेवल पार्किंग का काम चल रहा है, जिसमें एक साथ 2000 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी हो सकती हैं। इसके अलावा इस पार्किंग में कैफे और रेस्टरूम भी होंगे, ताकि यात्रियों को आराम मिल सके। मसूरी में गांधी चौक पर जहां रोपवे से उतरेंगे, वहां तक अप्रोच रोड और अन्य आधुनिक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
