Gorakhpur News: रेल के खाने की शिकायतों को लेकर रेलवे ने उठाया कठोर कदम, जानें अब क्या व्यवस्था की

Gorakhpur News: भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए और शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए एक नई व्यवस्था की शुरुआत की है। अब ट्रेनों की पेंट्रीकार में नाश्ते और खाने की सेवा पूरी तरह से बंद की जा रही है। आइए आपको नई व्यवस्था के बारे में बताएं।

Gorakhpur News: ट्रेनों में यात्रा करने के दौरान कई लोग अपने घर से खाना पैक करके लाते हैं तो वहीं कुछ लोग हैं, जो ट्रेन की पेंट्रीकार से नाश्ता और भोजन लेते हैं। लेकिन अब ट्रेनों की पेंट्रीकार में यात्रियों को खाने के लिए कुछ नहीं मिलेगा। ये सुविधा पूरी तरह बंद होने वाली है। भोजन की सुविधा को बंद करते हुए पेंट्रीकार में एक इंडक्शन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, जिस पर यात्री अपना खाना और पानी गर्म कर सकते हैं। कुछ विशेष परिस्थियों में चाय की सुविधा उपलब्ध होगी। इतना ही नही स्टेशनों के आसपास भारतीय रेलवे की कैटरिंग सेवा और टूरिज्म कॉर्पोरेशन के बेस किचन को भी बंद कर दिया जाएगा। लेकिन यात्रियों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें भोजन और नाश्ता देने के लिए भारतीय रेलवे एक नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रही है। आइए आपको बताएं...

North Eastern Railway

पेंट्रीकार में नहीं मिलेगी नाश्ते और भोजन की सुविधा

जून से बदलेगी ट्रेनों में खानपान की व्यवस्था

जून 2024 से ट्रेनों में खानपान की व्यवस्था पूरी तरह से बदलने वाली है। इससे खाने की शिकायतों पर लगाम लगेगा और खाने की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। जानकारी के लिए बता दें कि ट्रेन में खाने की गुणवत्ता को लेकर हर दिन ढेरों शिकायतें आती है। लोगों की बढ़ती शिकायतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ये बड़ा फैसला लिया है। इससे यात्रियों को अच्छा खाना मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत एक एजेंसी को एक रूट पर चलने वाली 5 से 7 ट्रेनों की पेंट्रीकार के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। फिलहाल के लिए इस व्यवस्था के आधार पर अभी एक एजेंसी को केवल एक या दो ट्रेनों की ही पेंट्रीकार दी जाएगी। इससे खाने की गुणवत्ता बेहतर होगी और शिकायतों की निगरानी भी की जा सकेगी। इतना ही नहीं जिस एजेंसी को टेंडर मिला है, वही स्टेशन के आस-पास बेस किचन स्थापित करेगी।

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