Lucknow News: लखनऊ में बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के ठिकानों पर इनकम टैक्स की छापेमारी में बड़े खुलासे हुए हैं। अब तक की जांच में पता चला है कि छापेमारी में न सिर्फ 10 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी बरामद हुई है, बल्कि विधायक से जुड़ी कंपनियों के कारोबार में असामान्य तेजी का भी खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उमाशंकर सिंह और उनसे जुड़ी कंपनियों का कारोबार सिर्फ दो सालों के अंदर दोगुना हो गया है। खासतौर पर खनन, सड़क निर्माण और अन्य सरकारी ठेकों में उनकी कंपनियों की मजबूत पकड़ देखने को मिली है। इन ठेकों से जुड़े सैकड़ों डॉक्यूमेंट भी रेड में बरामद हुए।
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह (फाइल फोटो)
आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों से कागज के पन्ने, डायरियां, हस्तलिखित नोट्स और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है, जो कथित तौर पर बेहिसाब लेन-देन, वित्तीय हेराफेरी की ओर इशारा करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, विभाग अब यह जांच कर रहा है कि विधायक और उनके करीबियों की कंपनियों ने कुल कितने खनन पट्टे हासिल किए और उनमें से वास्तविक खनन कितना किया गया।
CAG रिपोर्ट के बाद आईटी की रेड
बताया जा रहा है कि पिछले साल CAG की रिपोर्ट में भी उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों द्वारा अवैध खनन से सरकार को लगभग 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का खुलासा हुआ था। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। फिलहाल आयकर विभाग की टी बलिया, मिर्जापुर और सोनभद्र के खनन क्षेत्रों में भी गहन जांच कर रही है और छापेमारी की कार्रवाई अब भी जारी है।
आईटी की रेड में 10 करोड़ नकदी बरामद होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उमाशंकर सिंह के समधी उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने पहले इस कार्रवाई को “राजनीतिक साजिश” बताया था। लेकिन अब गुरुवार को उन्होंने मीडिया से दूरी बना ली है। उनके मोबाइल फोन पर कॉल किए जाने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल के लिए भी असुविधाजनक साबित हो रही है, क्योंकि एक सत्ताधारी मंत्री का रिश्तेदार होने के बावजूद यह छापेमारी हुई है।
बलिया की रसड़ा सीट से विधायक हैं उमाशंकर सिंह
उमाशंकर सिंह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा के इकलौते विधायक हैं। वे लंबे समय से निर्माण व खनन क्षेत्र में एक्टिव रहे हैं। छापेमारी के दौरान उनकी कंपनी छात्रशक्ति इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड के गोमतीनगर ऑफिस से सबसे अधिक नकदी बरामद हुई है। आयकर विभाग अब बरामद दस्तावेजों, नकदी और CAG रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि विभाग की जांच पूरी होने के बाद टैक्स चोरी, बेनामी संपत्ति और अवैध खनन के मामलों में मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं।
