Heatwave Alert: मौसम विभाग की ताजा वेदर रिपोर्ट के अनुसार 30 मई को देश के कुछ हिस्सों में फिर से गर्मी और हीटवेव की स्थिति देखने को मिली। खासतौर से विदर्भ, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में हीटवेव की संभावना जताई गई है, जिससे दिन के समय तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने और गर्म हवाओं के चलते लोगों को असुविधा हो सकती है।
हीटवेव का अलर्ट (AI फोटो)
वहीं 31 मई को कोंकण क्षेत्र में मौसम अधिक गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है, जहां तेज गर्मी के साथ नमी भी बढ़ सकती है, जिससे “हॉट एंड ह्यूमिड” परिस्थितियां बनी रह सकती हैं। हालांकि 31 मई को बड़े पैमाने पर हीटवेव की चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन उमस और गर्मी के कारण मौसम असहज बना रह सकता है। कुल मिलाकर इन दो दिनों में खासकर मध्य और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में तापमान और मौसम का दबाव लोगों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सावधानी बरतने और दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी गई है।
तापमान में दर्ज की गई गिरावट
उत्तर-पश्चिम भारत में चल रही तेज आंधी-तूफान गतिविधियों के कारण राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों में अधिकतम तापमान में 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसी तरह का तापमान में कमी का रुझान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी देखने को मिला है।
कहां-कहां कैसा रहा तापमान?
मध्य भारत से जुड़े पूर्वी भारत, उत्तर प्रायद्वीपीय भारत, दक्षिण राजस्थान, सौराष्ट्र एवं कच्छ तथा आंतरिक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों, जो मध्य और पूर्वी भारत तथा तटीय आंध्र प्रदेश व यनम से जुड़े हैं, वहां अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 8 डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं उत्तरी पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दक्षिण-पश्चिम हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से 8 से 15 डिग्री सेल्सियस तक काफी नीचे दर्ज किया गया।
आगे कैसे रहेंगे हालात?
IMD का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में 30 मई तक तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं थी, हालांकि 31 मई से 5 जून के बीच इसमें धीरे-धीरे 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य भारत में 1 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट के आसार हैं, जबकि 2 से 5 जून के दौरान स्थिति लगभग स्थिर रहने की संभावना है। उत्तर-पूर्वी भारत में 30 मई तक तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की हल्की बढ़ोतरी संभव है, जबकि इसके बाद 31 मई से 5 जून तक कोई खास परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। महाराष्ट्र में 31 मई तक स्थिति सामान्य रहने के बाद 1 से 3 जून के बीच 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि 4 और 5 जून को फिर से स्थिर मौसम रहने की उम्मीद है। वहीं गुजरात में 3 जून तक तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव है और इसके बाद मौसम स्थिर रहेगा। देश के बाकी हिस्सों में 5 जून 2026 तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
