संजय सिंह की 'रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो' पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब; पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में फूंकी बदलाव की नई हवा

संजय सिंह की “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र, आशा कार्यकर्ता, छोटे व्यापारी और छात्र भी शामिल हुए। कई स्थानों पर युवाओं ने हाथों में डिग्रियां और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने, रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

संजय सिंह की “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा का बुधवार को गाजियाबाद के अंबेडकर पार्क में समापन हो गया। 16 मई को मेरठ से शुरू हुई इस पांच दिवसीय यात्रा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में युवाओं, किसानों, कर्मचारियों और महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। यात्रा के समापन पर आयोजित सभा में रोजगार, सामाजिक न्याय और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे रहे।

संजय सिंह की पदयात्रा में उमड़ी भारी भीड़।

संजय सिंह की पदयात्रा में उमड़ी भारी भीड़।

पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने गांवों और कस्बों में लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा बेरोजगारी, पेपर लीक और भर्ती घोटालों से परेशान है, जबकि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य और सम्मान पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और आम लोगों के मुद्दों पर गंभीर नहीं है।

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