Bengaluru Wall Collapse: बेंगलुरु में मंगलवार शाम हुई तेज बारिश और आंधी के बीच बड़ा हादसा हो गया। आशंका जताई जा रही है कि भारी बारिश के कारण बॉरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल के पास एक कंपाउंड की दीवार गिर गई, जिसमें तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मलबे में फंसे लोगों में फुटपाथ पर ठेले लगाकर समान बेचने वाले और वहां से गुजर रहे राहगीर शामिल हो सकते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस पुरानी बाउंड्री वॉल के साथ एक बड़ा तिरपाल लगाया गया था, जिसके नीचे कई दुकानदार अपना सामान बेचते थे।
बेंगलुरु में खराब मौसम बना काल
आसपास के मौजूदा लोगों ने संभाला बचाव कार्य
बारिश तेज होने पर कुछ व्यापारी और राहगीर उसी तिरपाल के नीचे खड़े होकर बचाव करने लगे। इसी दौरान तेज हवा और बारिश के दबाव में दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने खुद ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जबकि बाद में आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रशासन फिलहाल मृतकों और घायलों की सही संख्या की पुष्टि करने में जुटा है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने किया मुआवजे का ऐलान
वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए घोषणा की कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बता दें कि, मुख्यमंत्री ने शाम के समय घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बोरिंग अस्पताल पहुंचकर घायल लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और सभी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
बेंगलुरु में अचानक बदला मौसम का मिजाज
गौरतलब है कि, मंगलवार शाम बेंगलुरु में मौसम ने अचानक करवट बदली। शहर के कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली, जबकि कुछ हिस्से पूरी तरह सूखे रहे। सरजापुरा इलाके में करीब एक घंटे तक लगातार मूसलाधार बारिश हुई। वहीं, कुंबलगोडु और रामोहल्ली क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। सेंट्रल बेंगलुरु के एमजी रोड और रेजिडेंसी रोड जैसे व्यस्त इलाकों में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और तेज हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी खबर सामने आई।
मौसम को लेकर IMD का पूर्वानुमान
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वह एयरपोर्ट से घर केवल दो मिनट पहले पहुंचे थे, जिसके तुरंत बाद ओले गिरने शुरू हो गए। हालांकि, शहर के सभी हिस्सों में एक जैसा मौसम नहीं रहा। गोत्तिगेरे और अंजनापुरा जैसे इलाकों में बहुत कम या बिल्कुल बारिश नहीं हुई। कुछ लोगों ने मजाक में अपने क्षेत्रों को “रेगिस्तान” तक बता दिया, क्योंकि वहां काले बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई। IMD के मौसम विशेषज्ञों ने इस स्थिति को "बेहद अस्थिर और स्थानीय प्रभाव वाला तूफान" बताया है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटों में भी बेंगलुरु में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है और एक बार फिर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, हालांकि इसकी तीव्रता थोड़ी कम रहने की संभावना है। वहीं, 1 मई के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने के संकेत भी मिले हैं।
