हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने वाली है। मौसम विभाग ने 5 जुलाई से राज्यभर में बारिश की तीव्रता बढ़ने का अनुमान जताया है। जिसे देखते हुए 12 जुलाई तक कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
5 जुलाई से बदलेगा मौसम, हिमाचल में तेज बारिश का दौर शुरू
कई इलाकों में बारिश, जनजीवन प्रभावित
पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए है। वहीं कई स्थानों पर मलबा आने से हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। हालांकि संबंधित एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सड़कों को साफ कर दिया। जिसके बाद यातायात बहाल कर दिया गया।
प्रशासन और राहत एजेंसियां अलर्ट पर
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी जिला प्रशासनों को मानसून के मौसम में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्री-मानसून बारिश के कारण कई जिलों में नुकसान हुआ है, इसलिए सभी डिप्टी कमिश्नरों को आपदा प्रबंधन सिस्टम को पूरी तरह एक्टिव रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि सरकार और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। साथ ही सड़क, पेयजल और बिजली विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की रुकावट होने की स्थिति में सेवाएं तुरंत बहाल की जाएं।
किन्नौर में भी असर, NH-5 हुआ था बंद
किन्नौर जिले के कल्पा में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंत्री ने बताया कि हाल ही में किन्नौर के चोलिंग क्षेत्र में बाढ़ के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) कुछ समय के लिए बंद हो गया था, लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने कुछ घंटों में ही रास्ता फिर से चालू कर दिया और ट्रैफिक को सामान्य कर दिया।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
