Himachal Pradesh Flash Floods: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश कहर बनकर बरस रही है। जिसके कारण लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं लगातार हो रही है। लाहौल-स्पीति में भी भारी बारिश के कारण फ्लैश फ्लड की घटना सामने आई है। मयार घाटी के करपट नाला और चोखंग-नाइंगर इलाके के गवाड़ी नाले में अचानक बाढ़ आने से सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावति हुआ है। करपट गांव की सड़क बाढ़ के कारण बंद हो गई है।
लाहौल-स्पीति में फ्लैश फ्लड से बढ़ी मुश्किलें (सांकेतिक फोटो)
लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा के मुताबिक, मयार घाटी में पहले किए गए बाढ़ नियंत्रण कार्यों से गांव को काफी हद तक सुरक्षित रखने में मदद मिली। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मौके पर जाकर हालात का जायजा लें और आवश्यक कदम उठाएं।
चोखंग-नाइंगर सड़क बहाल करने की कोशिश जारी
फ्लैश फ्लड के बाद चोखंग-नाइंगर सड़क को बहाल करने की कोशिश की गई। लेकिन बार-बार आ रही बाढ़ के कारण रास्ता दोबारा नहीं खोला जा सका। विधायक ने बताया कि सड़क की बहाली का काम बुधवार से फिर शुरू किया जाएगा। प्रशासन को बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर सड़क संपर्क बहाल करना फिलहाल प्राथमिकता है।
हिमाचल में 88 सड़कें अभी भी बंद
मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ का प्रभाव लगातार बना हुआ है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के मंगलवार शाम जारी आंकड़ों के अनुसार, शाम 5 बजे तक प्रदेश में 88 सड़कें बंद थीं। सुबह यह संख्या 105 थी। बहाली के प्रयासों के बाद कई बंद सड़कों को खोल दिया गया, जिससे बंद रास्तों की संख्या में कमी आई है। लेकिन मंडी में 32, कुल्लू में 25 और सिरमौर में 10 सड़कें अभी भी बंद हैं।
50 दिनों में 197 लोगों की मौत
30 जून से शुरू हुए मानसूनी आपदा काल में हिमाचल प्रदेश में अब तक 197 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 81 मौतें बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी हैं, जबकि 116 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। बारिश और आपदाओं से राज्य को अब तक 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है। प्राकृतिक और मौसम संबंधी घटनाओं में हुई 81 मौतों में 28 लोग गिरने या चट्टान खिसकने, 14 भूस्खलन, पांच पानी में डूबने, आठ सर्पदंश और आठ लोगों की मौत करंट लगने से हुई है।
बिजली और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित
बारिश और आपदा के कारण बिजली व्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। शाम तक सक्रिय डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (DTR) में खराबी के 12 मामले सामने आए। सुबह यह संख्या 36 थी। इसके अलावा राज्य में 19 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें हमीरपुर की 12, शिमला की पांच और बिलासपुर की दो योजनाएं शामिल हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां सड़क, बिजली और पानी की सेवाओं को बहाल करने में जुटी हैं।
